UDGAM Portal पर इन बैंकों की मिल रही है जानकारी, बैंकों में पड़े हैं करोड़ों, दावेदार कोई नहीं

Updated:
विज्ञापन
UDGAM Portal पर इन बैंकों की मिल रही है जानकारी, बैंकों में पड़े हैं करोड़ों, दावेदार कोई नहीं

RBI Launches UDGAM Portal : बैंकों में लावारिस जमा राशि को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने खास प्लान बनाया है. इस तरह की रशि का पता लगाना अब आसान हो गया है. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी जिनके परिजन पैसे जमा करके भूल गये थे.

विज्ञापन

RBI Launches UDGAM Portal : बैंकों में लावारिस जमा राशि होती है जिसपर क्लेम करने वाला कोई नहीं होता है. अब जो खबर है वो ऐसी राशि से संबंधित ही है. जी हां…अब इस तरह की रशि का पता लगाना आसान हो जाएगा. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी जिनके दादा-परदादा या अन्य परिजन पैसे जमा करके भूल गये थे.

दरअसल, 17 अगस्त 2023 को भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है. आरबीआई के अनक्लेम्ड डिपॉजिट- गेटवे टू एक्सेस इंफॉर्मेशन पोर्टल (UDGAM Portal) के माध्यम से आप एक स्थान पर तमाम बैंकों में जमा बिना दावे की लावारिश रकम की जानकारी ले सकते हैं.

आरबीआई ने केंद्रीकृत वेब पोर्टल उद्ग्म पेश किया है जिसपर लोग सर्च के बाद पहुंच रहे हैं. इस पहल का मकसद लोगों को बिना दावे वाली राशि के बारे में पता लगाने और उसका दावा करने में मदद करना है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पोर्टल उद्ग्म (बिना दावा वाली जमाराशि – सूचना तक पहुंच का प्रवेश द्वार) पेश किया. इसे केंद्रीय बैंक ने तैयार किया है ताकि लोगों एक ही स्थान पर कई बैंकों में अपनी बिना दावे वाली जमाराशियों की खोज करने में आसानी हो और वे उस पर अपना दावा कर सके.

किन बैंकों की मिल रही है जानकारी

पोर्टल की बात करें तो इसपर वर्तमान में सात बैंकों… भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, धनलक्ष्मी बैंक, साउथ इंडियन बैंक, डीबीएस बैंक इंडिया और सिटी बैंक… में बिना दावे वाली जमाराशि के बारे में जानकारी लोगों को मिल रही है. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने छह अप्रैल, 2023 को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में बिना दावे वाली जमा राशि का पता लगाने के लिये एक केंद्रीकृत वेब पोर्टल बनाने की घोषणा की थी जिसके बाद इसे गुरुवार को लॉन्च कर दिया गया.

आरबीआई ने बयान में क्या कहा

आरबीआई की ओर से इस बाबत एक बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि वह बिना दावे वाली जमाओं की संख्या में बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिये समय-समय पर जन जागरूकता अभियान चला रहा है. वेब पोर्टल शुरू होने से लोगों को अपने बिना दावे वाले जमा खातों की पहचान करने में मदद मिलेगी और वे या तो जमा राशि का दावा कर सकेंगे या अपने जमा खातों को अपने संबंधित बैंकों में चालू कर सकेंगे.

Also Read: आरबीआई गवर्नर ने महंगाई को लेकर कह दी बड़ी बात, आधा काम अभी बाकी

रिजर्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्राइवेट लिमिटेड (आरईबीआईटी), भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं (आईएफटीएएस) और इसमें भाग लेने वाले बैंकों ने पोर्टल विकसित करने में सहयोग किया है. बयान के अनुसार, वर्तमान में उपयोगकर्ता पोर्टल पर उपलब्ध सात बैंकों के संबंध में अपनी बिना दावे वाली जमा राशि का विवरण प्राप्त कर सकेंगे. पोर्टल पर अन्य बैंकों के लिये ऐसी राशि का पता लगाने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से 15 अक्टूबर, 2023 तक उपलब्ध कराई जाएगी.

एसबीआई 8,086 करोड़ रुपये के साथ बिना दावे वाली जमा राशि के मामले में शीर्ष पर

यहां चर्चा कर दें कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने फरवरी, 2023 तक लगभग 35,000 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली जमा राशि आरबीआई को हस्तांतरित की थी. ये वे जमा खाते थे, जो 10 साल या उससे अधिक समय से संचालित नहीं थे. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 8,086 करोड़ रुपये के साथ बिना दावे वाली जमा राशि के मामले में शीर्ष पर है. इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (5,340 करोड़ रुपये), केनरा बैंक (4,558 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (3,904 करोड़ रुपये) का स्थान है.

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola