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आधा भारत नहीं जानता बुढ़ापे में कैसे कटेगी जिंदगी? जान जाएगा एसबीआई का प्लान तो हर महीने कमाएगा 44,000

Updated at : 11 Jul 2025 6:27 PM (IST)
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SBI Plan

SBI Plan

SBI Plan: एसबीआई की सीनियर सिटीजन फिक्स्ड प्लान स्कीम से अब रिटायरमेंट के बाद हर महीने 4,000 से 44,000 रुपये तक की गारंटीड इनकम कर सकते हैं. सिर्फ 1 लाख से निवेश की शुरुआत कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर सकते हैं. यह योजना 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए है, जिसमें जोखिम शून्य है और ब्याज दर 7.6% से 8.4% तक है.

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SBI Plan: भारत में जीवन-यापन का सबसे बड़ा साधन नौकरी या खेती है. बहुत कम लोग ही कारोबार करते हैं. जो लोग नौकरी या कारोबार करते हैं, वे रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे में जीवन गुजारने की खातिर पैसा कमाने का तरीका जानते हैं. खासकर, सरकारी नौकरी करने वालों को इसका तजुर्बा अधिक होता है. लेकिन, जो लोग फैक्ट्रियों या प्राइवेट सेक्टर के निचले स्तर पर काम करते हैं या खेती करते हैं, उन्हें इनकी जानकारी कम ही होती है और रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे की जीवन काटना उनके लिए कठिन हो जाता है. ऐसे लोगों के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एक खास योजना शुरू की है, जिसे एसबीआई सीनियर सिटीजन फिक्स्ड प्लान कहा जाता है. इस योजना के जरिए वरिष्ठ नागरिक अब हर महीने 4,000 रुपये से लेकर 44,000 रुपये तक की फिक्स कमाई कर सकते हैं. आइए, इसके बारे में जानते हैं.

क्या है एसबीआई सीनियर सिटीजन फिक्स्ड प्लान

एसबीआई सीनियर सिटीजन फिक्स्ड प्लान विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों के लिए है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है. इसमें व्यक्ति को एक बार में एक निर्धारित राशि निवेश करनी होती है और बदले में हर महीने ब्याज के रूप में इनकम दी जाती है. इसका उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे रिटायरमेंट के बाद भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें.

योजना की प्रमुख बातें

  • योजना का नाम: एसबीआई सीनियर सिटीजन मंथली इनकम स्कीम
  • पात्रता: 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक
  • न्यूनतम निवेश: 1 लाख रुपये
  • अधिकतम निवेश: 15 लाख रुपये
  • ब्याज दर: अनुमानित 7.6% से 8.4% (बैंक की शर्तों के अनुसार)
  • आमदनी का तरीका: मासिक ब्याज भुगतान
  • योजना अवधि: अधिकतम 5 साल
  • जोखिम स्तर: शून्य (पूरी तरह सुरक्षित योजना)

1 लाख पर कैसे मिलेंगे 44,000 रुपये

यह सबसे बड़ा सवाल है, जो कई लोग सोचते हैं. यह सच्चाई है कि 44,000 हर महीने की कमाई सीधे 1 लाख रुपये के निवेश पर नहीं मिलती. दरअसल, यह एक उदाहरण उन लोगों के लिए है, जो बड़ी राशि 7 लाख या 15 लाख रुपये तक का निवेश करते हैं. अगर कोई 1 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर महीने 633 से 700 रुपये मिलेंगे. जो लोग 7 लाख निवेश करते हैं, उन्हें हर महीने 4,200 से 4,400 रुपये मिलेंगे. वहीं, जो लोग 15 लाख निवेश करते हैं, तब उन्हें हर महीने 9,000 से 10,000 रुपये तक मिलते हैं. अब अगर कोई निवेशक 5 साल की अवधि तक इस योजना में पैसा लगाए, तो उसे नियमित रूप से एक स्थिर और फिक्स्ड आमदनी होती रहती है.

किनके लिए है फायदेमंद

  • जिनके पास कोई नियमित पेंशन नहीं है.
  • जिनका ईपीएफ खाता बंद हो चुका है.
  • जो रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश चाहते हैं.
  • जो हर महीने निश्चित आमदनी से खर्च चलाना चाहते हैं.

कैसे लें इस योजना का लाभ?

  • अपने नजदीकी एसबीआई शाखा में संपर्क करें.
  • केवाईसी डॉक्युमेंट्स (आधार, पैन, फोटो) साथ रखें.
  • एकमुश्त निवेश राशि तय करें.
  • योजना की अवधि और ब्याज दर की पुष्टि करें.
  • फॉर्म भरकर योजना में निवेश करें.

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बुढ़ापे में आत्मनिर्भरता का रास्ता

अगर आप या आपके परिवार में कोई वरिष्ठ नागरिक है, तो एसबीआई सीनियर सिटीजन फिक्स्ड प्लान एक भरोसेमंद और लाभकारी योजना है. इसमें न जोखिम है, न शेयर बाजार की अनिश्चितता है. आज की बढ़ती महंगाई में यह योजना बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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