Meta, Amazon और Microsoft ने H-1B वीजा धारकों को ईमेल भेजकर कहा ‘तुरंत लौटो अमेरिका’

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H-1B Visa Fee Hike

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H-1B Visa Fee Hike: Meta, Amazon और Microsoft ने H-1B वीजा धारकों को तुरंत अमेरिका लौटने के लिए ईमेल भेजा है. ट्रम्प प्रशासन द्वारा H-1B वीजा शुल्क $100,000 तक बढ़ाए जाने के बाद कंपनियों ने कर्मचारियों को नए नियम लागू होने से पहले अमेरिका लौटने की सलाह दी.

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H-1B Visa Fee Hike:अमेरिका सरकार द्वारा H-1B वीजा के वार्षिक शुल्क में भारी वृद्धि के बाद, तकनीकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने H-1B और H-4 वीजा धारकों को अमेरिका में रहने की सलाह दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को भेजे गए आंतरिक ईमेल में कहा, “हम H-1B और H-4 वीजा धारकों से आग्रह करते हैं कि वे कल तक अमेरिका लौट आएं, ताकि नए नियमों की प्रक्रिया प्रभावित न हो.” साथ ही, निवेश और एसेट मैनेजमेंट कंपनी जेपी मॉर्गन ने भी कर्मचारियों को अमेरिका लौटने की सलाह दी है, ताकि वे नए शुल्क लागू होने से पहले स्थिति सुनिश्चित कर सकें.

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H-1B वीजा शुल्क में वृद्धि: $100,000 तक

ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा के वार्षिक शुल्क को $100,000 तक बढ़ा दिया है, जो उच्च-कुशल विदेशी प्रतिभाओं पर निर्भर व्यवसायों, खासकर भारत और चीन जैसे देशों के पेशेवरों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. H-1B वीजा अमेरिका में गैर-इमिग्रेंट वीजा है, जो कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को अस्थायी तौर पर काम पर रखने की अनुमति देता है. यह वीजा उन पेशों के लिए है जिनमें तकनीकी या सैद्धांतिक विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है, जैसे कि IT, इंजीनियरिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर और साइंस.

H-4 वीजा: परिवार के लिए सुविधा

H-4 वीजा उन परिवारजनों के लिए जारी किया जाता है जो H-1B वीजा धारक के तत्काल परिवार हैं. इसमें पति/पत्नी और 21 वर्ष से कम आयु के अविवाहित बच्चे शामिल हैं. यह वीजा धारकों को अमेरिका में H-1B कर्मचारी के प्रवास की अवधि तक रहने की अनुमति देता है.

नियम लागू होने की तिथि और शर्तें

ट्रम्प प्रशासन का यह नया आदेश 21 सितंबर 2025 की सुबह 12:01 EDT (भारत में 9:31 AM IST) से लागू होगा. इस समय से कोई भी H-1B कर्मचारी अमेरिका प्रवेश नहीं कर सकेगा जब तक कि नियोक्ता $100,000 शुल्क का भुगतान न करे.

  • नियोक्ताओं को इस शुल्क का प्रमाण प्रदान करना अनिवार्य होगा.
  • स्टेट डिपार्टमेंट और होमलैंड सिक्योरिटी को निर्देश दिया गया है कि बिना प्रमाण के कोई भी H-1B याचिका स्वीकार न की जाए.
  • यह प्रतिबंध 12 महीनों तक प्रभावी रहेगा, और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारतीय और चीनी पेशेवरों के लिए अमेरिका में काम करना महंगा और कठिन बना देगा. कंपनियों को उच्च-कुशल विदेशी कर्मचारियों को बनाए रखने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. कुछ कंपनियों ने यह भी सुझाव दिया है कि प्रभावित कर्मचारियों के लिए अस्थायी योजनाओं या अमेरिका लौटने के प्रोत्साहन लागू किए जा सकते हैं.

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