टैक्स चोरी रोकने को जीएसटी भुगतान फॉर्म में हो सकता है बदलाव, जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला संभव

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 Jun 2022 3:34 PM

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विक्रेता जीएसटीआर-1 में अधिक बिक्री दिखाते हैं, जिससे खरीदार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का दावा कर सकें लेकिन जीएसटीआर-3बी में कम बिक्री दिखाते हैं ताकि जीएसटी देनदारी कम रहे.

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GST Council Meet: जीएसटी काउंसिल अगले सप्ताह होने वाली बैठक में मासिक टैक्स पेमेंट फॉर्म ‘जीएसटीआर-3बी’ में बदलाव करने संबंधी प्रस्ताव पर विचार कर सकती है. इसमें स्वत: बिक्री रिटर्न से संबंधित आपूर्ति आंकड़े और टैक्स पेमेंट तालिका शामिल होगा, जिसमें बदलाव नहीं हो सकेगा. इससे जाली बिलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. विक्रेता जीएसटीआर-1 में अधिक बिक्री दिखाते हैं, जिससे खरीदार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का दावा कर सकें लेकिन जीएसटीआर-3बी में कम बिक्री दिखाते हैं ताकि जीएसटी देनदारी कम रहे.

टैक्स पेयर्स और अफसरों के लिए यह अधिक स्पष्ट

करदाताओं के लिए मौजूदा जीएसटीआर-3बी में इनपुट टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट स्वत: तैयार होते हैं जो बी2बी (कंपनियों के बीच) आपूर्तियों पर आधारित हैं. इसमें जीएसटीआर-ए और 3बी में विसंगति मिलने पर उसे रेखांकित किया जाता है. परिषद की विधि समिति ने जिन परिवर्तनों का प्रस्ताव दिया है उनमें जीएसटीआर-1 से मूल्यों की स्वत: गणना जीएसटीआर-3बी में होगी. टैक्स पेयर्स और अफसरों के लिए यह और अधिक स्पष्ट होगा. बदलाव से जीएसटीआर-3बी में यूजर्स की जानकारी की आवश्यकता न्यूनतम रह जाएगी. जीएसटीआर-3बी फाइलिंग की प्रक्रिया भी आसान होगी.

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सालभर में 40 हजार करोड़ की टैक्स चोरी

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक जीएसटी इंटेलीजेंस की सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए नौ नवंबर 2020 को लॉन्च की गयी ऑल इंडिया इंफोर्समेंट ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में देश में जीएसटी चोरी के 5700 मामले आये. इनके जरिये करीब 40,000 करोड़ की टैक्स चोरी की गयी.

आइवीएफ पर जारी होगा स्पष्टीकरण

जीएसटी विभाग प्रजनन प्रौद्योगिकी से जुड़ी एआरटी या आइवीएफ को टैक्स राहत देने के साथ ही अतिथि एंकर को किये जाने वाले मानद भुगतान पर जीएसटी लगाने जैसे कई जटिल मुद्दों पर जल्द ही स्पष्टीकरण जारी कर सकता है. समिति ने 113 वस्तुओं एवं 102 सेवाओं पर जीएसटी दरों में सिफारिश करते हुए कहा है कि ‘ऑस्टोमी’ (शरीर से अवशिष्ट को निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी) उपकरणों पर करों को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाये. जीएसटी में स्वास्थ्य सेवाओं को भारत में किसी भी मान्यता-प्राप्त इलाज पद्धति में बीमारी, चोट, असामान्यता या गर्भावस्था के निदान या उपचार या देखभाल के माध्यम से दी जाने वाली किसी भी सेवा के रूप में परिभाषित करता है. इसमें रोगी को क्लिनिक तक ले जाने की सेवाएं भी शामिल हैं लेकिन इसमें हेयर ट्रांसप्लांट या कॉस्मेटिक एवं प्लास्टिक सर्जरी शामिल नहीं है. इस तरह की सेवाओं को उपरोक्त रियायत अधिसूचना के मकसद से स्वास्थ्य सेवाओं की परिभाषा में शामिल किया गया है. मानदेय के एवज में अतिथि एंकरों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी लग सकता है. (इनपुट:भाषा)

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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