टैक्स चोरी रोकने को जीएसटी भुगतान फॉर्म में हो सकता है बदलाव, जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला संभव

विक्रेता जीएसटीआर-1 में अधिक बिक्री दिखाते हैं, जिससे खरीदार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का दावा कर सकें लेकिन जीएसटीआर-3बी में कम बिक्री दिखाते हैं ताकि जीएसटी देनदारी कम रहे.
GST Council Meet: जीएसटी काउंसिल अगले सप्ताह होने वाली बैठक में मासिक टैक्स पेमेंट फॉर्म ‘जीएसटीआर-3बी’ में बदलाव करने संबंधी प्रस्ताव पर विचार कर सकती है. इसमें स्वत: बिक्री रिटर्न से संबंधित आपूर्ति आंकड़े और टैक्स पेमेंट तालिका शामिल होगा, जिसमें बदलाव नहीं हो सकेगा. इससे जाली बिलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. विक्रेता जीएसटीआर-1 में अधिक बिक्री दिखाते हैं, जिससे खरीदार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का दावा कर सकें लेकिन जीएसटीआर-3बी में कम बिक्री दिखाते हैं ताकि जीएसटी देनदारी कम रहे.
करदाताओं के लिए मौजूदा जीएसटीआर-3बी में इनपुट टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट स्वत: तैयार होते हैं जो बी2बी (कंपनियों के बीच) आपूर्तियों पर आधारित हैं. इसमें जीएसटीआर-ए और 3बी में विसंगति मिलने पर उसे रेखांकित किया जाता है. परिषद की विधि समिति ने जिन परिवर्तनों का प्रस्ताव दिया है उनमें जीएसटीआर-1 से मूल्यों की स्वत: गणना जीएसटीआर-3बी में होगी. टैक्स पेयर्स और अफसरों के लिए यह और अधिक स्पष्ट होगा. बदलाव से जीएसटीआर-3बी में यूजर्स की जानकारी की आवश्यकता न्यूनतम रह जाएगी. जीएसटीआर-3बी फाइलिंग की प्रक्रिया भी आसान होगी.
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एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक जीएसटी इंटेलीजेंस की सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए नौ नवंबर 2020 को लॉन्च की गयी ऑल इंडिया इंफोर्समेंट ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में देश में जीएसटी चोरी के 5700 मामले आये. इनके जरिये करीब 40,000 करोड़ की टैक्स चोरी की गयी.
जीएसटी विभाग प्रजनन प्रौद्योगिकी से जुड़ी एआरटी या आइवीएफ को टैक्स राहत देने के साथ ही अतिथि एंकर को किये जाने वाले मानद भुगतान पर जीएसटी लगाने जैसे कई जटिल मुद्दों पर जल्द ही स्पष्टीकरण जारी कर सकता है. समिति ने 113 वस्तुओं एवं 102 सेवाओं पर जीएसटी दरों में सिफारिश करते हुए कहा है कि ‘ऑस्टोमी’ (शरीर से अवशिष्ट को निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी) उपकरणों पर करों को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाये. जीएसटी में स्वास्थ्य सेवाओं को भारत में किसी भी मान्यता-प्राप्त इलाज पद्धति में बीमारी, चोट, असामान्यता या गर्भावस्था के निदान या उपचार या देखभाल के माध्यम से दी जाने वाली किसी भी सेवा के रूप में परिभाषित करता है. इसमें रोगी को क्लिनिक तक ले जाने की सेवाएं भी शामिल हैं लेकिन इसमें हेयर ट्रांसप्लांट या कॉस्मेटिक एवं प्लास्टिक सर्जरी शामिल नहीं है. इस तरह की सेवाओं को उपरोक्त रियायत अधिसूचना के मकसद से स्वास्थ्य सेवाओं की परिभाषा में शामिल किया गया है. मानदेय के एवज में अतिथि एंकरों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी लग सकता है. (इनपुट:भाषा)
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