कैंसर की दवा पर नो टैक्स, सिनेमा हॉल में सस्ता खाना.. GST काउंसिल के बड़े फैसले, इन चीजों पर 28 फीसदी शुल्क

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Jul 2023 9:02 PM

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50वीं जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने कैंसर से संबंधित दवाओं, दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष चिकित्सा उद्देश्यों के लिए खाद्य उत्पादों को जीएसटी कर से छूट दी है.

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जीएसटी काउंसिल की बैठक मंगलवार को हुई. जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. बैठक में जीएसटी काउंसिल ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसीनो पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर सहमत हो गई है. जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह भी तय किया गया है कि कैंसर की इंपोर्टेड दवा पर जीएसटी नहीं लगेगा.

सिनेमाघरों में सस्ता खाना

काउंसिल की बैठक में जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन को भी मंजूरी दी गई है. इसके अलावा बैठक में तय किया गया है कि सिनेमाघरों में खाने पाने के सामानों पर टैक्स को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. यानी अब सिनेमाघरों में खाने पीने की चीजें सस्ती हो जाएंगी.

कैंसर की दवाओं पर नहीं लगेगा टैक्स
50वीं जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने कैंसर से संबंधित दवाओं, दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष चिकित्सा उद्देश्यों के लिए खाद्य उत्पादों को जीएसटी कर से छूट दी है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों के वित्त मंत्री भी शामिल हुए. बैठक में फैसला लिया गया कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ स्पर्धाओं में दांव पर लगाई जाने वाली कुल राशि पर 28 फीसदी की दर से कर लगाया जाएगा. वित्त मंत्री सीतारमण ने बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि जीएसटी परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर गठित मंत्रियों के समूह की अनुशंसा के आधार पर 28 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

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जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक में कच्चे या बिना तले हुए एक्सट्रूडेड स्नैक पैलेट पर जीएसटी दरें 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है. मछली में घुलनशील पेस्ट पर दरें 18 फीसदी से घटकर 5 फीसदी कर दी गई है. इसके अलावा नकली जरी धागों पर दरें 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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