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ग्रोक के दुरुपयोग पर सरकार सख्त! एक्स को आखिरी मोहलत, 7 जनवरी तक देनी होगी रिपोर्ट

Grok AI Obscene Content: भारत सरकार ने एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स को ग्रोक एआई टूल के दुरुपयोग और अश्लील सामग्री के मामले में कड़ी चेतावनी दी है. सरकार ने एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 7 जनवरी तय की है. आईटी मंत्रालय का कहना है कि ग्रोक का इस्तेमाल कर महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए जा रहे हैं. नोटिस में कंटेंट हटाने, ग्रोक ऐप की समीक्षा और नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

Grok AI Obscene Content: सरकार ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ को एआई टूल ‘ग्रोक’ के दुरुपयोग से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के मामले में बड़ी राहत तो दी है, लेकिन साथ ही कड़ा संदेश भी दे दिया है. सरकार ने एक्स को एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर अब 7 जनवरी 2026 कर दी है. पहले कंपनी को यह रिपोर्ट 5 जनवरी तक देनी थी.

सूत्रों के मुताबिक, एक्स ने सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह नई डेडलाइन तय की है. सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर महिलाओं की गरिमा, डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है.

ग्रोक के जरिए अश्लील कंटेंट बनाने का आरोप

आईटी मंत्रालय ने 2 जनवरी को जारी अपने नोटिस में कहा था कि एक्स के मंच पर एआई टूल ‘ग्रोक’ का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट्स के जरिए महिलाओं की अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक तस्वीरें व वीडियो तैयार किए जा रहे हैं. यह सामग्री न सिर्फ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है, बल्कि पीड़ित महिलाओं की छवि और निजता को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है.

मंत्रालय ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के स्तर पर सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता बताया है. सरकार का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और उससे जुड़े नियमों का सीधा उल्लंघन हैं.

72 घंटे में मांगी गई थी रिपोर्ट

नोटिस में सरकार ने एक्स को साफ निर्देश दिया था कि वह अपने प्लेटफॉर्म से सभी अश्लील, अशोभनीय, यौन रूप से स्पष्ट और गैरकानूनी सामग्री को तुरंत हटाए. इसके साथ ही कंपनी को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने को कहा गया था. सरकार ने चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो एक्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसमें आईटी अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रावधानों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कार्रवाई संभव है.

धारा 79 के संरक्षण पर भी खतरा

सरकार ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया कि आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को जो सेफ हार्बर यानी कानूनी संरक्षण मिलता है, वह तभी लागू होता है, जब मंच पूरी तरह से उचित सावधानी का पालन करे. यदि यह साबित होता है कि एक्स ने जानबूझकर या लापरवाही के कारण ऐसे कंटेंट को फैलने दिया, तो कंपनी से यह कानूनी संरक्षण छीना जा सकता है. इसका मतलब यह होगा कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद गैरकानूनी सामग्री के लिए एक्स को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा.

ग्रोक ऐप की व्यापक समीक्षा के निर्देश

सरकार ने एक्स को केवल कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्रोक एआई टूल की तकनीकी, प्रक्रियागत और ऑपरेशनल स्तर पर व्यापक समीक्षा करने के आदेश दिए हैं. मंत्रालय ने कहा है कि कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और सख्त किया जाए, नियम तोड़ने वाले यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड या स्थायी रूप से बंद किए जाएं और भविष्य में इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जाए. इसके साथ ही पहले से मौजूद सभी अवैध सामग्री को तत्काल हटाने या उस तक पहुंच रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं.

नियम नहीं माने तो होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि एक्स समयसीमा के भीतर संतोषजनक रिपोर्ट और ठोस कदम पेश नहीं करता, तो उसके खिलाफ आईटी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही धारा 79 के तहत मिलने वाला कानूनी संरक्षण भी खत्म किया जा सकता है, जो किसी भी सोशल मीडिया कंपनी के लिए बड़ा झटका होगा.

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अवैध कंटेंट पर होगी सख्त कार्रवाई: एक्स

इस पूरे विवाद के बीच एक्स ने अपने सेफ्टी हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा है कि वह अवैध सामग्री के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. कंपनी के अनुसार, ऐसे कंटेंट को हटाया जा रहा है, दोषी अकाउंट्स को स्थायी रूप से सस्पेंड किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर स्थानीय सरकारों के साथ सहयोग भी किया जाएगा. अब सभी की नजरें 7 जनवरी पर टिकी हैं, जब एक्स को सरकार के सामने यह साबित करना होगा कि उसने ग्रोक एआई के दुरुपयोग पर वास्तव में कितनी सख्ती दिखाई है.

भाषा इनपुट के साथ

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KumarVishwat Sen
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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