तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को भी मिलेगी पारिवारिक पेंशन, जितेंद्र सिंह बोले- नियमों में लगातार हो रहा सुधार

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह. फोटो - ANI

भारत सरकार पेंशन नियमों और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार कर रही है ताकि बदलती सामाजिक जरूरतों को पूरा किया जा सके. हाल ही में परिवार पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे तलाकशुदा बेटियों को भी लाभ मिलेगा.

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केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार( 17 अगस्त) को कहा कि समाज की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए पेंशन नियमों और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2020, 25 मई 2022, 27 फरवरी 2023 और मार्च 2025 के आदेश प्रमुख हैं. तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा महिला सरकारी कर्मचारियों को पति के बजाय अपने बेटे या बेटी को पेंशन के लिए नामित करने की अधिक स्वतंत्रता दी गई है.

बुजुर्गों की बढ़ती संख्या पर भी फोकस

जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी भले ही 40 वर्ष से कम उम्र की हो, लेकिन बुजुर्ग नागरिकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. इसलिए सरकार का लक्ष्य बुजुर्गों का जीवन आसान बनाने के साथ उनकी क्षमता और अनुभव का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि पेंशन नियमों में बदलाव की प्रक्रिया भविष्य में भी सामाजिक जरूरतों के अनुसार जारी रहेगी.

सेवा के दौरान मौत पर परिवार को राहत

जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को बढ़ी हुई दर से परिवार पेंशन का लाभ मिलता है. अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत तक परिवार पेंशन 10 साल की अवधि के लिए दिए जाने का प्रावधान किया गया है.

7 साल की सेवा की शर्त भी हटाई

जितेंद्र सिंह बताया कि सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर बढ़ी हुई परिवार पेंशन के लिए न्यूनतम 7 साल की सेवा की शर्त को भी हटा दिया गया है. सरकार का मानना है कि कम उम्र में कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता की ज्यादा जरूरत होती है.

डिजिटल तकनीक से आसान हुई पेंशन प्रक्रिया

जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन फॉर्म और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ताकि अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम हो. डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों से बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए सेवाएं लेना आसान हुआ है.


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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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