सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी, युद्ध के बावजूद क्यों धड़ाम गिरी कीमतें ?

Updated at : 22 Mar 2026 7:03 AM (IST)
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Gold-Silver Price

Gold-Silver Price

Gold-Silver Price: युद्ध के माहौल में जहां सोने-चांदी को महंगा होना चाहिए था, वहां इनकी कीमतों में भारी गिरावट आई है. सोने में 4% और चांदी में लगभग 9% की इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की कम होती उम्मीदें हैं. फिलहाल निवेशकों का भरोसा सोने से हटकर एनर्जी मार्केट (तेल) की तरफ मुड़ गया है, जिससे कीमती धातुओं के दाम एक महीने के निचले स्तर पर पहुँच गए हैं.

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Gold-Silver Price: आमतौर पर जब दुनिया में युद्ध जैसे हालात होते हैं, तो सोने और चांदी के दाम आसमान छूने लगते हैं. लेकिन इस बार उलटा हो रहा है. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और बाजार में उथल-पुथल के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सोना करीब 4% और चांदी लगभग 9% तक टूट गई है.

आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम ?

निवेशक अब सोने-चांदी के बजाय दूसरी जगहों पर पैसा लगा रहे हैं. इसके पीछे 3 मुख्य कारण हैं.

  • तेल की बढ़ती ताकत: युद्ध की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 के पार चली गई हैं. निवेशक सोने के बजाय तेल में पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं. यानी ‘सुरक्षित निवेश’ के तौर पर तेल ने सोने की जगह ले ली है.
  • महंगाई और ब्याज दरें: जब दुनिया में महंगाई बढ़ती है, तो उम्मीद की जाती है कि केंद्रीय बैंक (जैसे अमेरिका का Fed) ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे. जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो लोग सोने के बजाय बैंक डिपॉजिट या बॉन्ड्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं क्योंकि वहां से उन्हें ब्याज मिलता है (सोने से कोई नियमित ब्याज नहीं मिलता).
  • डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर इस समय बहुत मजबूत हो रहा है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है और कीमतें गिरती हैं.

क्या अब सोना खरीदना सही है ?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक महंगाई कम नहीं होती या डॉलर कमजोर नहीं पड़ता, तब तक सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. हालांकि, कुछ लोग इसे कम दाम में खरीदने का मौका भी मान रहे हैं, लेकिन अभी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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