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BSNL की 4G सेवा में विदेशी कंपनियां नहीं दे सकेंगी दखल, देसी टेलीकॉम कारोबारियों को होगा फायदा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
बीएसएनएल ने आमंत्रित की है बोलियां.
बीएसएनएल ने आमंत्रित की है बोलियां.
प्रतीकात्मक फोटो.

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की 4जी सेवा (4G Service) से विदेशी कंपनियों को बाहर रखने का फैसला किया है. सरकार के इस कदम से टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली भारतीय कंपनियों को फायदा होने के साथ ही दूरसंचार क्षेत्र में विदेशी कंपनियों पर से निर्भरता भी खत्म होगी. विदेशी कंपनियों की दखल खत्म होने से बीएसएनएल की 4जी सेवा देश की सबसे सुरक्षित संचार सेवा होगी. बीएसएनएल देश की पहली कंपनी बन गई है, जिसने अपने कोर सिस्टम में केवल भारतीय कंपनियों को ही काम करने की इजाजत देने का निर्णय किया है.

भारतीय स्वामित्व वाली कंपनियों को मिलेगी कोर

बीएसएनएल के उस फैसले के तहत केवल भारतीय कंपनियां या फिर ऐसी विदेशी निवेश वाली कंपनी जिसका स्वामित्व भारतीयों के पास होगा, उन्हें ही बीएसएनएल की 4जी सेवा के कोर सिस्टम में काम करने की इजाजत होगी. इससे बीएसएनएल की 4जी सेवा में विदेशी कंपनियों का दखल पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

गौरतलब है कि इस समय भारत के टेलाकॉम इक्विपमेंट मार्केट में इरिक्शन ( Ericsson), नोकिया (Nokia), सैमसंग (Samsung), हुवावे (Huawei) और जेडटीई (ZTE) जैसी विदेशी कंपनियों का दबदबा है, लेकिन जल्द ही इस मार्केट में टाटा और रिलायंस जियो जैसी कंपनियां आ रही है.

भारतीय कंपनियों से आवेदन मांगे

बीएसएनएल के इस फैसले से सबसे अधिक फायदा देसी सप्लायर्स को ही होगा. बीएसएनएल ने देसी कंपनियों से आवेदन मंगाए हैं, जो कंपनी की 4जी वायरलेस सेवा के लिए इक्विपमेंट और जरूरी चीजें उपलब्ध करा सकते हैं. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के टेलीकॉम कमेटी के प्रमुख संदीप अग्रवाल ने इस निर्णय के लिए दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश का धन्यवाद करते हुए पत्र लिखा है.

बीएसएनएल की 57,000 साइट्स पर मंगाए गए बिड्स

इसमें उन्होंने कहा है कि इससे आने वाले समय में दूरसंचार क्षेत्र का परिदृश्य बदल जाएगा. इससे भारतीय उपकरण निर्माता कंपनियों के लिए भी नए मौके मिलेंगे. दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने कहा कि बोली में केवल भारतीय कंपनियां ही शामिल हो सकती हैं. केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2021 को देशभर में बीएसएनएल की 57,000 साइट्स पर 4जी इंस्टॉलेशन के लिए बिड्स मंगाए हैं.

जासूसी पर लगेगी रोक

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र में रेन और कोर दो सिस्टम होते हैं. रेन या रेडियो टावर से जुड़ा तंत्र है, जबकि कोर दूरसंचार क्षेत्र का दिल या दिमाग है. अगर कोई कंपनी दूरसंचार क्षेत्र के कोर में काम करती है, तो उसका कम्युनिकेशन सिस्टम पर नियंत्रण होता है. सभी मैसेज तक उसकी पहुंच होती है. ऐसे में बीएसएनएल की ओर से इस क्षेत्र में केवल भारतीय कंपनियों को ही काम करने की इजाजत देना एक स्वागत योग्य कदम है.

Posted By : Vishwat Sen

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