Ethanol Controversy: 'मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़ रुपये महीने', एथेनॉल विवाद पर बोले नितिन गडकरी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Sep 2025 11:54 PM

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

Ethanol Controversy: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल विवाद पर एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसकी चर्चा इस समय तेजी से हो रही है. उन्होंने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि उनका दिमाग हर महीने 200 करोड़ का है. वो ईमानदारी के साथ कमाना जानते हैं.

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Ethanol Controversy: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल विवाद पर जवाब देते हुए कार्यक्रम में कहा- “मेरा दिमाग हर महीने 200 करोड़ का है. मुझे ईमानदारी से कमाना आता है.” उन्होंने आगे कहा- आपको लगता है कि मैं ये काम पैसे कमाने के लिए कर रहा हूं? मेरे विचार किसानों के हित के लिए हैं, जेब भरने के लिए नहीं हैं.” उन्होंन आगे कहा, “हाल ही में, मेरे बेटे ने ईरान से 800 कंटेनर सेब आयात किए और 1,000 कंटेनर केले निर्यात किए. ईरान के साथ कोई आर्थिक लेन-देन नहीं है.” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जालसाजी की सभी अफवाहों का खंडन किया.

एथेनॉल पर विवाद मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाना था: गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इससे पहले एथेनॉल पर विवाद पर कहा था, “ई-20 को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान पैसे देकर चलाया गया था. यह अभियान एथेनॉल के खिलाफ था और मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए चलाया गया था.” गडकरी ने पेट्रोल में ई-20 की मिलावट करने से जुड़ी चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर कहा, “सभी पक्षों ने इस बारे में अपना-अपना पक्ष रखा है. इनमें भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) और सियाम भी शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि इस बारे में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी पूरी तरह साफ है. उन्होंने कहा, “मैं बस यही कहूंगा कि जो भी था, उसमें कोई सच्चाई नहीं थी. सब कुछ स्पष्ट किया जा चुका है.”

सोशल मीडिया में क्या था एथेनॉल को लेकर विवाद

पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (ई-20) के मिश्रण वाले ईंधन से वाहनों के प्रदर्शन में गिरावट आने और कलपुर्जों के जल्द खराब होने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर काफी तेज रहीं. इस दौरान ई-20 पेट्रोल से वाहनों के माइलेज में गिरावट और इंजन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने हाल ही में गडकरी पर हितों के टकराव का आरोप लगाया था. उसका कहना था कि परिवहन मंत्री एथेनॉल उत्पादन के पक्ष में बोलते रहे हैं जबकि उनके दो बेटे एथेनॉल उत्पादन से जुड़ी कंपनियों का हिस्सा हैं और उन्हें इस सरकारी नीति से फायदा हुआ है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस पूरे मामले की लोकपाल के माध्यम से जांच कराने की चुनौती भी दी थी.

सरकार ने मक्का से एथेनॉल बनाने का किया है निर्णय

सरकार ने मक्का से एथेनॉल बनाने का निर्णय लिया है जिससे किसानों को 45,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है. इस वर्ष उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इसका रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है. गडकरी ने कहा, “हमारी कृषि वृद्धि दर बहुत कम है, इसलिए ऊर्जा और बिजली क्षेत्र की ओर कृषि का यह विविधीकरण किसानों के लाभ के लिए सही है.”

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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