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EPFO ने लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 एडवांस देकर पहुंचाई आर्थिक मदद, कर्ज लेने से बच गए लाखों कर्मचारी

By Agency
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ईपीएफओ ने लॉकडाउन के दौरान कम सैलरी वाले कर्मचारियों को दी आर्थिक मदद.
ईपीएफओ ने लॉकडाउन के दौरान कम सैलरी वाले कर्मचारियों को दी आर्थिक मदद.
प्रतीकात्मक फोटो.

EPFO news update : सेवानिवृत्ति कोष का परिचालन करने वाली संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में लॉकडाउन के दौरान कुल मिलाकर 35,445 करोड़ रुपये के 94.41 लाख भविष्य निधि (PF) दावों का निपटारा किया है. मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से अगस्त महीने की अवधि के दौरान ईपीएफओ ने पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 32 फीसदी अधिक दावों का निपटारा किया है. वहीं, इस दौरान वितरित की गयी राशि में भी करीब 13 फीसदी की वृद्धि हुई है.

श्रम मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ‘कोविड-19 महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के बावजूद ईपीएफओ 94.41 लाख दावों का निपटारा करने में सफल रहा है. इन दावों के तहत ईपीएफओ ने अपने सदस्यों को अप्रैल से अगस्त 2020 के दौरान 35,445 करोड़ रुपये की राशि वितरित की.'

कोरोना वायरस संकट के दौरान कोष से जुड़े सदस्यों की नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए ईपीएफओ ने कोविड-19 अग्रिम और बीमारी संबंधी दावों को निपटाने की प्रक्रिया काफी तेज की है. इन दोनों श्रेणियों के तहत उसने दावों का निपटान स्वत: मंजूरी प्रणाली के जरिये तेजी से करने की शुरुआत की.

इन दोनों श्रेणियों (कोविड-19 अग्रिम और बीमारी संबंधी दावे) में स्वत: मंजूरी की इस प्रक्रिया में दावों के निपटान में मात्र तीन दिन का समय लगता है, जबकि सांविधिक तौर पर दावों के निपटान के लिए कम से कम 20 दिन का समय लगता है.

मंत्रालय के बयान के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2020 के दौरान जितने भी भविष्य निधि दावों का निपटारा किया गया, उनमें से 55 फीसदी दावे कोविड- 19 अग्रिम लेने वाले थे, जबकि 33 फीसदी दावे बीमारी से जुड़े दावों के थे. इनमें ज्यादातर आवेदनकर्ता 15,000 रुपये से कम की वेतन श्रेणी वाले थे.

संकट की इस स्थिति में भविष्य निधि कोष (EPF) से समय पर नकदी मिलने से कम कमाई वाले कर्मचारी कर्ज जाल में फंसने से बच गये और गरीबों को सामाजिक सुरक्षा समर्थन प्राप्त हुआ.

Posted By : Vishwat Sen

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