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174 किलो का 'कोहेनूर', बकरीद के बाजार का सबसे महंगा बकरा

Updated at : 06 Jun 2025 9:16 PM (IST)
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Eid-Ul-Azha

बकरों के बाजार का सबसे महंगा बकरा कोहेनूर

Eid-Ul-Azha: बकरीद 2025 के बाजार में भोपाल का 'कोहेनूर' नामक 174 किलो का बकरा बना चर्चा का केंद्र बना हुआ है. खास डाइट और देखभाल से तैयार किए गए इस बकरे ने खरीदारों को खूब आकर्षित किया. वहीं, 'सोस' जैसे अन्य बकरे भी आकर्षक चाल और धार्मिक प्रतीकों के चलते सुर्खियों में हैं. देशभर की मंडियों में बकरों की कीमतें नस्ल, वजन और विशेषताओं के आधार पर 10 हजार से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच रही हैं.

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Eid-Ul-Azha: ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की तैयारियां जोरों पर हैं. 7 जून 2025 को यह त्योहार बड़े ही धूमधाम से पूरे देश में मनाया जाएगा. बकरीद को लेकर बकरा मंडियों में रौनक अपने शबाब पर है. लेकिन इस बार जो सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, वो है भोपाल का 174 किलो वजनी बकरा‘कोहेनूर’. इसकी लाखों पहुंच गई है. इस भारी-भरकम बकरे ने न सिर्फ खरीदारों बल्कि सोशल मीडिया का भी दिल जीत लिया है.

भोपाल में कोहेनूर का जलवा

लल्लूराम.कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के बकरा बाजार में ‘कोहेनूर’ नाम का बकरा चर्चा का केंद्र बना हुआ है. ‘कोहेनूर’ कोई साधारण बकरा नहीं है. इसे नदीम गोट फार्म के संचालक ने खास डाइट और शाही देखरेख में पाला है. इसकी खुराक में काजू, बादाम, खजूर, और अन्य ड्राई फ्रूट्स शामिल हैं. गर्मी से राहत दिलाने के लिए इसे एसी या कूलर में रखा जाता है. इसका रॉयल लुक, चमकदार शरीर और घोड़े जैसी कद-काठी इसे मंडी का शो-स्टॉपर बना रहे हैं. भोपाल की मंडी में ‘कोहेनूर’ को देखने के लिए दूर-दराज से लोग उमड़ रहे हैं.

कोहेनूर की कीमत

नदीम गोट फार्म के संचालक ने बताया कि कोहेनूर का वजन 174 किलोग्राम है और इसे तैयार करने में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं. भोपाल की यह मंडी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए व्यापारियों और खरीदारों से गुलजार है. इसकी कीमत 16 लाख रुपये आंकी गई है.

‘सोस’ भी किसी से कम नहीं

भोपाल की मंडी में ही एक और बकरा ‘सोस’ भी सुर्खियों में है. इसकी कीमत 80,000 रुपये से 1.2 लाख रुपये के बीच लगाई जा रही है. यह तोतापरी नस्ल का बकरा है. इसका वजन 80 किलो से ज्यादा और इसका चलना-फिरना इतना आकर्षक है कि लोग इसे देखते ही खरीदने को तैयार हो जाते हैं. विक्रेताओं का दावा है कि इसके शरीर पर कुदरती उर्दू में निशान बने हैं, जो इसे धार्मिक रूप से और भी खास बना देते हैं.

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देशभर की मंडियों में मुकाबला तगड़ा

भोपाल ही नहीं, दिल्ली के मीना बाजार, अजमेर, बरेली, अलीगढ़ और बुरहानपुर जैसे शहरों में भी बकरे अपनी शानो-शौकत के लिए चर्चा में हैं. दिल्ली में ‘सिकंदर’ नाम का बकरा 3 लाख रुपये में बिक रहा है, जिसका वजन 2 क्विंटल बताया गया है. कीमतें नस्ल, वजन, ऊंचाई, सींगों की बनावट और कुदरती धार्मिक निशानों पर निर्भर करती हैं. कुर्बानी के लिए बकरा उम्र के हिसाब से दो, चार या छह दांतों वाला होना चाहिए, जो कीमत को और बढ़ा देता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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