Digital Payment: कैसे बचें QR Code धोखाधड़ी से? जानें सुरक्षा के 5 महत्वपूर्ण टिप्स

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Digital Payment: आज के समय में डिजिटल भुगतान प्रणाली ने लेन-देन को अधिक सरल और तेज बना दिया है, लेकिन इस डिजिटल क्रांति के साथ धोखाधड़ी के मामलों में भी तेजी आई है. जानें कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स

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Digital Payment: आज के दौर में डिजिटल भुगतान प्रणाली ने लेन-देन को सरल और तेज बना दिया है. छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर कोई क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग कर रहा है. इस तकनीक ने नकद लेन-देन की जरूरत को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि भुगतान की प्रक्रिया भी सुगम हो गई है.

हालांकि, इस डिजिटल क्रांति के साथ धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. क्यूआर कोड के माध्यम से हो रही धोखाधड़ी ने दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को ही मुश्किल में डाल दिया है. धोखेबाज़ अकसर दुकानों के असली क्यूआर कोड(QR Code)  को बदलकर अपने क्यूआर कोड लगा देते हैं, जिससे भुगतान उनके खातों में चला जाता है. कई बार यह घोटाला तब तक सामने नहीं आता जब तक कि दुकानदार को बड़ा नुकसान नहीं हो जाता.

QR Code धोखाधड़ी से बचने के उपाय

डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाने और धोखाधड़ी से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां अपनाई जा सकती हैं:

1. साउंड बॉक्स(Sound Box) का उपयोग करें

दुकानदारों को साउंड बॉक्स जैसे उपकरणों का उपयोग करना चाहिए. यह डिवाइस हर लेन-देन के बाद पुष्टि करने के लिए आवाज में सूचना देता है. अगर कोई नकली क्यूआर कोड का इस्तेमाल करता है, तो साउंड बॉक्स तुरंत इसकी पहचान कर सकता है.

2. लेन-देन की जानकारी जांचें

ग्राहकों को भुगतान करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्क्रीन पर नाम दुकानदार के वास्तविक नाम से मेल खा रहा है. अगर नाम में कोई गड़बड़ी है, तो तुरंत लेन-देन रोक देना चाहिए और दुकानदार को सतर्क करना चाहिए.

3. Google Lens का उपयोग करें

Google Lens एक उपयोगी टूल है जो क्यूआर कोड स्कैन करने में मदद करता है. इससे आप जान सकते हैं कि कोड किस वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर रहा है. यह तकनीक असली और नकली क्यूआर कोड के बीच अंतर करने में मदद करती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है.

4. नियमित रूप से क्यूआर कोड जांचें

दुकानदारों को समय-समय पर अपने क्यूआर कोड की जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का पता चल सके. क्यूआर कोड को सुरक्षित और अच्छी तरह से प्रदर्शित करें ताकि कोई इसे आसानी से बदल न सके.

5. भुगतान की पुष्टिकरण का इंतजार करें

ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लेन-देन पूरा होने के बाद ही उत्पाद या सेवा प्रदान की जाए.

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क्यूआर कोड धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और तकनीक का सही उपयोग आवश्यक है. लेन-देन के दौरान सतर्क रहकर और Google Lens जैसी तकनीकों का सहारा लेकर, आप धोखाधड़ी से खुद को बचा सकते हैं.

डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ग्राहक और दुकानदार दोनों सजग रहें. क्यूआर कोड के माध्यम से लेन-देन करते समय सही नाम की जांच और साउंड बॉक्स जैसी सुविधाओं का उपयोग इस दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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