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DGCA Fines Air India: डीजीसीए ने एयर इंडिया पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना, जानें क्यों हुई कार्रवाई

Updated at : 14 Jun 2022 5:27 PM (IST)
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DGCA Fines Air India: डीजीसीए ने एयर इंडिया पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना, जानें क्यों हुई कार्रवाई

DGCA Fines Air India: डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एयरलाइन को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तत्काल तंत्र भी स्थापित करने की सलाह दी गई है.

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DGCA Fines Air India: डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. डीजीसीए ने वैलिड टिकट रखने वाले यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं देने और उसके बाद अनिवार्य मुआवजा देने से इनकार करने के मामले में एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. बता दें कि इससे पहले डीजीसीए ने इस तरह के मामलों में कई तरह के जुर्मानों की घोषणा की थी.

एयर इंडिया ने नियमनों का नहीं किया अनुपालन

डीजीसीए की ओर से मंगलवार को इस संबंध में जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि नियामक द्वारा बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली में इस तरह के मामलों की जांच की गई. इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि एयर इंडिया द्वारा नियमनों का अनुपालन नहीं किया गया. इसके बाद एयरलाइन को डीजीसीए द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और इस संदर्भ में व्यक्तिगत सुनवाई भी की गई थी.

एयरलाइन को तत्काल तंत्र भी स्थापित करने की दी गई सलाह

डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक, इस संबंध में एयर इंडिया की संभवत: अपनी कोई नीति नहीं है और वह यात्रियों को मुआवजे का भुगतान नहीं करती है. नियामक ने कहा कि आखिरकार यह एक गंभीर चिंता का विषय है और अस्वीकार्य है. नियामक ने कहा कि इस मामले में एयर इंडिया के जवाब के बाद सक्षम प्राधिकरण ने एयरलाइन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एयरलाइन को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तत्काल तंत्र भी स्थापित करने की सलाह दी गई है.

डीजीसीए ने सभी घरेलू एयरलाइनों को जारी किए थे ये सख्त निर्देश

विमानन निदेशालय की ओर से नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि यदि संबंधित एयरलाइन 1 घंटे के भीतर प्रभावित यात्री के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करने में सक्षम है, तो कोई मुआवजा नहीं दिया जाना होता है. वहीं, अगर एयरलाइन अगले 24 घंटों के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने में सक्षम है, तो नियमों में 10 हजार रुपये तक का मुआवजा और 24 घंटे से अधिक के लिए 20 हजार रुपये तक का मुआवजा निर्धारित किया गया है. डीजीसीए ने बीते 2 मई को एक ई-मेल में सभी भारतीय वाहकों को बोर्डिंग से इस तरह के इनकार से प्रभावित यात्रियों को मुआवजा और सुविधाएं देने के लिए कहा था. साथ ही हिदायत दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उन पर वित्तीय दंड लगाया जाएगा.

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