सुपर पावर बनने की राह पर चीन, अमेरिका को पछाड़ बना सबसे अमीर देश, जानें भारत कहां है

सुपर पावर बनने का सपना देख रहे भारत के पड़ोसी मुल्क चीन ने अमेरिका की बादशाहत खत्म कर दी है. चीन अब दुनिया का सबसे अमीर देश बन गया है.
सुपर पावर बनने का सपना देख रहे भारत (India) के पड़ोसी मुल्क चीन (China) ने अमेरिका (America) की बादशाहत खत्म कर दी है. चीन अब दुनिया का सबसे अमीर देश (China Richest Country) बन गया है. एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 20 सालों में चीन की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में 17 गुना इजाफा हुआ है. वर्ष 2000 में चीन की जीडीपी 7 ट्रिलयन डॉलर थी, जो अब 120 ट्रिलियन डॉलर हो गयी है.
इस तरह विश्व की कुल संपत्ति की एक तिहाई का मालिक चीन है. आपको बता दें पिछले 20 वर्षों में दुनिया भर के देशों की संपत्ति की बात करें, तो यह महज 3 गुना हुई है. ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की मानें, तो मैनेजमेंट कंसल्टेंट मैकेंजी एंड कंपनी (Management Consultant McKinsey & Company) के शोधकर्ताओं ने कहा है कि वर्ष 2000 में दुनिया भर के देशों की कुल संपत्ति 156 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब बढ़कर 514 ट्रिलियन डॉलर हो गयी है.
इस दौरान अमेरिका की संपत्ति में महज दोगुना इजाफा हआ है. अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था 90 ट्रिलियन डॉलर हो गयी है. चीन और अमेरिका दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं. इन दोनों देशों में ही दो-तिहाई से अधिक संपत्ति 10 फीसदी सबसे अमीर परिवारों के पास है. इन अमीरों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.
ज्यूरिख स्थित मैकेंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट में पार्टनर जान मिश्के ने कहा कि हम इससे अमीर कभी नहीं थे. विश्व के 10 सबसे अमीर देशों की बैलेंस शीट के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यही 10 देश हैं, जो दुनिया की 60 फीसदी से अधिक आय को दर्शाते हैं.
जिन देशों की बैलेंस सीट के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है, उनमें चीन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान, मेक्सिको और स्वीडन शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक कुल संपत्ति का 68 फीसदी हिस्सा रियल एस्टेट के रूप में मौजूद है.
दुनिया भर के देशों में अलग-अलग रूपों में संपत्तियों का आकलन किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में जो संपत्ति है, उसमें 35 फीसदी जमीन के रूप में है, तो 33 फीसदी बिल्डिंग के रूप में. 11 फीसदी संपत्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में है, तो 8 फीसदी इन्वेंस्ट्री के रूप में, 8 फीसदी अन्य संपत्तियों के रूप में और सबसे कम 6 फीसदी मशीनरी और उपकरणों के रूप में.
Posted By: Mithilesh Jha
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