लॉकडाउन में कारोबारियों को GST रिफंड कर रहा CBIC, अब तक 5,575 करोड़ रुपये के दावों का किया निपटारा

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कोरोना वायरस संकट के समय वस्तु एवं सेवाकर (GST) करदाताओं को हर संभव मदद देने की प्रतिबद्धता जतायी है.
नयी दिल्ली : केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कोरोना वायरस संकट के समय वस्तु एवं सेवाकर (GST) करदाताओं को हर संभव मदद देने की प्रतिबद्धता जतायी है. बोर्ड ने 30 मार्च के बाद से अब तक 5,575 करोड़ रुपये के 12,923 जीएसटी रिफंड दावों का निपटारा किया है. सरकारी समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, बोर्ड ने एक बयान में कहा कि अकेले पिछले सप्ताह में ही 3,854 करोड़ रुपये के 7,873 दावों का निपटान किया है. साथ ही उसने व्यापार और कारोबार अनुकूल फैसले किए हैं.
सीबीआईसी ने 31 मार्च को एक परिपत्र संख्या 133 जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वापसी के दावों का तेजी से निपटान सुनिश्चित करने और सार्थक सूचनाओं के अभाव में किसी गलत दावे के निस्तारण पर रोक सुचित किए जाने की बात कही गयी है. विभाग ने कहा है कि इस सर्कुलर को लेकर कोविड-19 जैसी स्थिति में भी सोशल मीडिया तथा अन्य मीडिया के कुछ हिस्सों में करदाताओं के बीच भ्रम फैलाया गया कि यह उन्हें तंग करने के लिए है.
बोर्ड ने कहा कि जीएसटी परिषद की 14 मार्च की बैठक में आईटीसी रिफंड में देरी को कम करने का निर्णय किया गया. इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि आईटीसी के नकली दावों को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए. करदाताओं सहित विभिन्न पक्षकारों ने इन मुद्दों को जीएसटी परिषद के समक्ष रखा था. व्यापार के सामने आ रही इस समस्या के निदान के लिए यह तय किया गया कि वर्गीकरण कोड की घोषणा को ही आवेदन का एक हिस्सा बनाया जाए.
इसी बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्यातकों को रिफंड दावों के निपटान के लिए वित्तीय वर्ष को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाए. यह सुविधा 31 मार्च 2020 के बाद दायर आवेदनों पर लागू होगी. यह गौर किया जाना चाहिए कि इस तरह के सभी आवेदनों की तिथि जो कि 20 मार्च और 29 जून 2020 थी, उसे बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




