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Amazon Layoffs: कर्मचारियों को 'परिवार' कहती हैं...सब नाटक है! अमेजन की छंटनी पर गुरमीत चड्ढा का बड़ा बयान

Updated at : 19 Mar 2025 8:43 AM (IST)
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Amazon Layoffs

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Amazon Layoffs: गुरमीत चड्ढा ने अपने पोस्ट में लिखा, "अमेज़न ने नवंबर में 18,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद अब 10,000 और लोगों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है. ये कंपनियां अपने एचआर हेड्स को 'People Experience Head', 'Chief People Officer' जैसे आकर्षक नाम देती हैं

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Amazon Layoffs: अमेजन द्वारा हाल ही में की गई छंटनी को लेकर Complete Circle के CIO गुरमीत चड्ढा ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि अमेज़न जैसी कंपनियां छंटनी को ‘कॉर्पोरेट जार्गन’ और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के नाम पर सही ठहराती हैं.

अमेजन में छंटनी का सिलसिला जारी

गुरमीत चड्ढा ने अपने पोस्ट में लिखा, “अमेज़न ने नवंबर में 18,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद अब 10,000 और लोगों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है. ये कंपनियां अपने एचआर हेड्स को ‘People Experience Head’, ‘Chief People Officer’ जैसे आकर्षक नाम देती हैं और कर्मचारियों को ‘परिवार’ कहती हैं… सब नाटक है!!”

चड्ढा ने छंटनी के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि नवाचार (Innovation) की कीमत लोगों की आजीविका से नहीं चुकाई जानी चाहिए. उन्होंने लिखा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या कोई भी तकनीकी नवाचार जो अपने ही लोगों को संकट में डालता है, वह निरर्थक है.”

‘सरबत दा भला’ का उल्लेख

गुरमीत चड्ढा ने गुरु नानक देव जी की शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी नवाचार का मूल उद्देश्य लोगों का भला होना चाहिए. उन्होंने लिखा, “मुझे पुरानी सोच वाला कह सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को सबसे ज्यादा महत्व देता हूं. जैसा कि गुरु नानक देव जी ने कहा था, ‘सरबत दा भला’ (सभी का कल्याण) ही किसी भी नवाचार का केंद्र होना चाहिए.”

अमेजन के CEO का पक्ष

गुरमीत चड्ढा की यह टिप्पणी अमेज़न के CEO एंडी जैसी के पुनर्गठन प्रयासों के बीच आई है. जैसी ने कंपनी में मध्य-स्तरीय प्रबंधन (Middle Management) को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आक्रामक कदम उठाए हैं. जैसी ने 2025 की पहली तिमाही तक मध्य प्रबंधन में 15% की कटौती का लक्ष्य रखा था, लेकिन कंपनी ने पहले ही इस लक्ष्य को पार कर लिया है.

ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में जैसी ने कहा, “जब आप बहुत सारे कर्मचारियों को जोड़ते हैं, तो मध्य-स्तरीय प्रबंधकों की संख्या बढ़ जाती है. ये सभी प्रबंधक अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हो जाती है.”

‘प्रि-मीटिंग’ संस्कृति पर टिप्पणी

जैसी ने कॉर्पोरेट कंपनियों में अधिक बैठकों (Meetings) की संस्कृति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “कई बार लोग प्री-मीटिंग में भाग लेते हैं, जो कि मुख्य निर्णय बैठक से पहले की तैयारी मात्र होती है.”

Gen Z कर्मचारियों का समर्थन

दिलचस्प बात यह है कि अमेज़न का प्रबंधन को सीमित करने का निर्णय युवा कर्मचारियों, विशेषकर Gen Z को पसंद आ रहा है. रॉबर्ट वॉल्टर्स (Robert Walters) के एक सर्वे के अनुसार, 52% Gen Z कर्मचारी मध्य-प्रबंधन भूमिकाओं से बचना चाहते हैं, जबकि 72% कर्मचारी बिना किसी प्रबंधन जिम्मेदारी के करियर में उन्नति चाहते हैं.

ऑफिस में वापसी नीति पर विवाद

अमेज़न की ‘रिटर्न टू ऑफिस’ (Return-to-Office) नीति कर्मचारियों के बीच असंतोष का कारण बनी हुई है. अमेज़न ने सभी कर्मचारियों को सप्ताह में पांच दिन कार्यालय से काम करने का निर्देश दिया है. AWS के CEO मैट गार्मन का मानना है कि वास्तविक नवाचार (Innovation) को दूरस्थ कार्य (Remote Work) के माध्यम से प्राप्त करना कठिन है. इस नीति के चलते कई कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप ‘Rage Apply’ (नाराजगी में नई नौकरियों के लिए आवेदन) करना शुरू कर दिया है. कुछ कर्मचारियों ने अमेज़न नेतृत्व को पत्र लिखकर भी अपनी नाराजगी जताई है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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