बजट 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, जानिए क्या रहेगा असर

बजट-2026
बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पुराने और नए दोनों टैक्स रिजीम पहले की तरह ही लागू रहेंगे. ऐसे में टैक्सपेयर्स को अपनी आय, निवेश और छूट के आधार पर सही रिजीम चुनकर टैक्स प्लानिंग करनी होगी.
बजट 2026: हर साल जब बजट पेश होता है, तो सबसे ज्यादा चर्चा इनकम टैक्स स्लैब को लेकर होती है. आम नौकरीपेशा लोगों से लेकर बिजनेस करने वालों तक सभी को उम्मीद रहती है कि सरकार टैक्स की दरों में बदलाव करेगी और राहत देगी. बजट 2026 से भी लोगों की यही उम्मीद थी.
हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनेंशियल ईयर 2026–27 के लिए न तो पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव किया और न ही नए टैक्स रिजीम में. यानी टैक्स स्लैब, दरें और इनकम लिमिट पहले की तरह ही लागू रहेंगी. इसका मतलब है कि इस साल टैक्सपेयर्स को किसी नई छूट या बड़े बदलाव का फायदा नहीं मिलने वाला है और उन्हें पहले के नियमों के अनुसार ही टैक्स प्लानिंग करनी होगी.
नया टैक्स रिजीम (FY 2026–27) स्लैब और टैक्स दरें
नए टैक्स रिजीम में उम्र के आधार पर कोई अलग स्लैब नहीं है। सभी टैक्सपेयर्स के लिए एक ही स्ट्रक्चर लागू रहेगा.
| टैक्सेबल इनकम | टैक्स रेट |
|---|---|
| ₹4,00,000 तक | 0% |
| ₹4,00,001 – ₹8,00,000 | 5% |
| ₹8,00,001 – ₹12,00,000 | 10% |
| ₹12,00,001 – ₹16,00,000 | 15% |
| ₹16,00,001 – ₹20,00,000 | 20% |
| ₹20,00,001 – ₹24,00,000 | 25% |
| ₹24,00,000 से ऊपर | 30% |
नया रिजीम में बड़ी राहत
- सेक्शन 87A के तहत ₹60,000 तक का टैक्स रिबेट मिलता है.
- इससे ₹12 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री हो सकती है.
- सैलरीड लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है.
- यानी सैलरी ₹12.75 लाख तक टैक्स-फ्री हो सकती है.
पुराना टैक्स रिजीम – उम्र के हिसाब से स्लैब
1) 60 साल से कम उम्र के टैक्सपेयर्स
| टैक्सेबल इनकम | टैक्स रेट |
|---|---|
| ₹2,50,000 तक | 0% |
| ₹2,50,001 – ₹5,00,000 | 5% |
| ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% |
| ₹10,00,000 से ऊपर | 30% |
2) सीनियर सिटीजन (60–80 साल)
| टैक्सेबल इनकम | टैक्स रेट |
|---|---|
| ₹3,00,000 तक | 0% |
| ₹3,00,001 – ₹5,00,000 | 5% |
| ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% |
| ₹10,00,000 से ऊपर | 30% |
3) सुपर सीनियर सिटीजन (80 साल से ऊपर)
| टैक्सेबल इनकम | टैक्स रेट |
|---|---|
| ₹5,00,000 तक | 0% |
| ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% |
| ₹10,00,000 से ऊपर | 30% |
सरचार्ज (अतिरिक्त टैक्स) – दोनों रिजीम
| कुल इनकम | नया रिजीम | पुराना रिजीम |
|---|---|---|
| ₹50 लाख तक | 0% | 0% |
| ₹50 लाख – ₹1 करोड़ | 10% | 10% |
| ₹1 करोड़ – ₹2 करोड़ | 15% | 15% |
| ₹2 करोड़ – ₹5 करोड़ | 25% | 25% |
| ₹5 करोड़ से ऊपर | 25% | 37% |
आम टैक्सपेयर्स के लिए इसका मतलब
- इस साल टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ.
- इसलिए पुराने नियमों के अनुसार ही टैक्स देना होगा.
- हर व्यक्ति को अपनी इनकम, निवेश और छूट (deductions) देखकर तय करना होगा कि
पुराना टैक्स रिजीम सही है या नया.
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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