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Budget 2024: बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा! जल्द शुरू होगी हाउसिंग योजना, 300 यूनिट बिजली फ्री,जानें डिटेल

Budget 2024: अंतरिम बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पात्र मध्यम वर्ग को अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवासीय योजना शुरू करेगी.

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार पात्र मध्यम वर्ग को अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवासीय योजना शुरू करेगी. सीतारमण ने चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक दृष्टिकोण भी अपनाएगी जो सतत विकास की सुविधा प्रदान करे और उत्पादकता में सुधार लाए. उन्होंने बजट पेश करते हुए एक करोड़ मकानों में प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने को ‘रूफटॉप सोलराइजेशन’ का भी उल्लेख किया, जिससे सालाना 15,000-18,000 रुपये की घरेलू बचत होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार मौजूदा अस्पताल बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करके और अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करेगी.

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पांच साल में बनेंगे दो करोड़ घर

वित्त मंत्री ने कहा कि देश ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन करोड़ घरों का लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अगले पांच साल में दो करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस महीने की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के तहत ग्रामीण आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी. उन्होंने कहा कि निवेश संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार वित्तीय क्षेत्र को आकार, क्षमता, कौशल और नियामकीय ढांचे के लिहाज से तैयार करेगी. सरकार देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को अधिक संसाधन-कुशल आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगी. उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र और वहां के लोगों के विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा.

सरकार समाज को प्रभावित करने वाली व्यवस्थित असमानताओं को दूर कर रही

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार समाज को परेशान करने वाली व्यवस्थित असमानताओं को दूर कर रही है. अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि पिछले दशक में आर्थिक प्रबंधन ने जन-केंद्रित समावेशी विकास को पूरक बनाया है. उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के बुनियादी ढांचे का निर्माण रिकॉर्ड समय में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कर सुधारों से कर आधार का विस्तार हुआ है. एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) पाठ्यक्रमों में 43 प्रतिशत महिलाओं का पंजीकरण हुआ है, जो दुनिया में सबसे अधिक है.

(भाषा इनपुट)

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