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Bangladesh: खालिदा जिया की लग गई लॉटरी, 17 साल बाद हटी बैंक खातों पर लगी रोक

Updated at : 21 Aug 2024 12:14 PM (IST)
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Bangladesh: खालिदा जिया की लग गई लॉटरी, 17 साल बाद हटी बैंक खातों पर लगी रोक

17 साल बाद बांग्लादेश में खालिदा जिया के बैंक खातों पर लगी रोक हटेगी.

Bangladesh: बांग्लादेश में शेख हसीना के सरकार का तख्तापलट होने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने 8 अगस्त 2024 को शपथ ली. इसके बाद 79 वर्षीय खालिदा जिया को जेल से रिहा कर दिया गया.

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Bangladesh: बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की लॉटरी लग गई. पहले उन्हें रिहा करके जेल से बाहर निकाला गया. इसके बाद अब खबर है कि बांग्लादेश के टैक्स अफसरों ने ग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया के बैंक खातों पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है. खालिदा जिया के बैंक खातों पर 17 साल पहले रोक लगाई गई थी.

खालिदा जिया के बैंक खातों पर कब रोक लगी थी?

बांग्लादेश के अखबार ‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) ने 19 अगस्त 2024 को बांग्लादेश के बैंकों को बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया के खातों पर लगी रोक हटाने का निर्देश दिया है. एनबीआर के केंद्रीय खुफिया प्रकोष्ठ ने अगस्त 2007 में बैंकों को बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया के बैंक खातों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. वह 1990 के बाद बांग्लादेश की दो बार प्रधानमंत्री चुनी जा चुकी हैं.

खालिदा जिया के बैंक खातों पर रोक लगाने का फैसला किसने किया था?

एनबीआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खालिदा जिया के बैंक खातों पर रोक लगाने का निर्णय सेना समर्थित तत्कालीन कार्यवाहक सरकार के दौरान गठित एक समिति की सिफारिश पर आधारित था. इसके बाद से ही उनके बैंक खातों पर रोक लगी हुई है. बीएनपी ने कई मौकों पर इन पर रोक हटाने की मांग भी की. बाद में उन्हें नियमित खर्चों के लिए ढाका छावनी के रूपाली बैंक की शहीद मोइनुल रोड शाखा से हर महीने एक निश्चित राशि निकालने की अनुमति दी गई. तत्कालीन कार्यवाहक सरकार ने शेख हसीना के बैंक खातों पर भी रोक लगा दी थी, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद उन पर से रोक हटा दी गई.

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट कब हुआ?

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट 5 अगस्त 2024 को हुआ. आरक्षण पर ढाका हाईकोर्ट के फैसले के बाद बांग्लादेश में छात्रों ने मई 2024 से ही आंदोलन शुरू कर दिया था, जो अगस्त की शुरुआत में हिंसक हो गया था. उग्र आंदोलनकारियों ने 5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री आवास पर ही कब्जा कर लिया था, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को मजबूरन देश छोड़ना पड़ा. इसके साथ ही, बांग्लादेश में अवामी लीग का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया.

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की सरकार कब बनी?

बांग्लादेश में शेख हसीना के सरकार का तख्तापलट होने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने 8 अगस्त 2024 को शपथ ली. इसके बाद 79 वर्षीय खालिदा जिया को जेल से रिहा कर दिया गया. खालिदा जिया मार्च 1991 से मार्च 1996 तक और जून 2001 से अक्टूबर 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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