नवजात शिशुओं के लिए कैसे बनवाएं आधार कार्ड? जानिए 'नीले आधार' के फायदे और अप्लाइ करने का तरीका

जानिए 'नीले आधार' के फायदे और अप्लाइ करने का तरीका (फोटो: Canva)
Baal Aadhaar: क्या आप जानते हैं कि नवजात शिशुओं के लिए भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है? जानिए क्या है 'नीला आधार' या बाल आधार, इसे बनवाने का तरीका और इसके जरूरी डॉक्यूमेंट.
Baal Aadhaar: भारत में आधार कार्ड न केवल एडल्ट के लिए, बल्कि नवजात शिशुओं के लिए भी एक अनिवार्य पहचान पत्र बन गया है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले इस विशेष आधार को ‘बाल आधार’ (Baal Aadhaar) कहा जाता है. इसकी खास पहचान यह है कि यह नीले रंग का होता है.
बाल आधार के लिए पात्रता और जरूरी डॉक्यूमेंट
बाल आधार बनवाने के लिए बच्चे का भारत का निवासी होना अनिवार्य है. आवेदन के समय इन डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी.
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल से मिली डिस्चार्ज स्लिप.
- माता या पिता का आधार कार्ड (बच्चे का आधार माता या पिता के आधार से लिंक किया जाता है).
- पते का प्रमाण (Address Proof): इसके लिए माता-पिता का आधार कार्ड या स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य है.
अप्लाइ कैसे करें
बाल आधार बनवाना बेहद आसान है और इसके लिए बच्चे के बायोमेट्रिक्स की जरूरत नहीं होती:
- अपॉइंटमेंट बुक करें: सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) पर जाकर अपने नजदीकी ‘आधार सेवा केंद्र’ के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें.
- फॉर्म भरें: केंद्र पर जाकर नामांकन फॉर्म (Enrolment Form) भरें, जिसमें बच्चे की जानकारी और माता-पिता का आधार नंबर देना होगा.
- डॉक्यूमेंट जमा करें: जरूरी डॉक्यूमेंट ों के साथ बच्चे की फोटो खिंचवाएं.
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: चूंकि बच्चा छोटा है, इसलिए माता या पिता को अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन) देना होगा.
- पावती पर्ची (Acknowledgement Slip): प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक पर्ची मिलेगी जिसमें ‘एनरोलमेंट आईडी’ (EID) होगा. इससे आप आधार का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं.
बाल आधार क्यों जरूरी है?
- पहचान का प्रमाण: यह बच्चों के लिए एक वैध सरकारी पहचान पत्र है.
- स्कूल एडमिशन: आजकल कई स्कूलों में प्रवेश के समय बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है.
- सरकारी योजनाएं: सरकार द्वारा बच्चों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है.
- यात्रा: ट्रेन या हवाई यात्रा के दौरान यह पहचान के तौर पर काम आता है.
इन बातों का रखें ख्याल
- बायोमेट्रिक्स: 5 साल से कम उम्र के बच्चों के फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन नहीं लिए जाते.
- अनिवार्य अपडेट: जब बच्चा 5 साल का हो जाए, तो उसके बायोमेट्रिक्स अपडेट करवाना अनिवार्य है. इसके बाद 15 साल की उम्र होने पर दोबारा फाइनल बायोमेट्रिक अपडेट कराना होता है.
- शुल्क: बच्चों का आधार नामांकन और ये अनिवार्य अपडेट पूरी तरह से नि:शुल्क (Free) हैं.
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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