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एसबीआई केस में बुरे फंसे अनिल अंबानी, बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका की खारिज

Updated at : 03 Oct 2025 6:32 PM (IST)
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Anil Ambani SBI Case

रिलायंस कम्यूनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी.

Anil Ambani SBI Case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनिल अंबानी की एसबीआई के खिलाफ याचिका खारिज कर दी, जिसमें उनके अकाउंट को धोखाधड़ी वाला घोषित करने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी. यह अकाउंट दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा था. एसबीआई और सीबीआई ने लोन शर्तों के उल्लंघन और बैंक फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाए. कोर्ट ने आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक के आदेश को सही ठहराया. यह फैसला अंबानी के लिए बड़ा झटका है और बैंकिंग नियमों की सख्ती को दर्शाता है.

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Anil Ambani SBI Case: उद्योगपति अनिल अंबानी को शुक्रवार को झटका लगा जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खिलाफ उस याचिका खारिज कर दिया. एसबीआई ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस के खाते को धोखाधड़ी के तौर पर वर्गीकृत किया है. यह याचिका खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित करने से संबंधित था, जो उनकी दिवालिया कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा हुआ था. जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और नीला के गोखले की डिवीजन बेंच ने अंबानी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि इसमें कोई दम नहीं है.

आरबीआई का सर्कुलर और एसबीआई की कार्रवाई

एसबीआई ने जून 2025 में यह आदेश जारी किया था. यह आरबीआई के मास्टर सर्कुलर के तहत लिया गया, जिसमें बैंकों को किसी अकाउंट को धोखाधड़ी वाला घोषित करने और इस प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश देने की अनुमति दी गई थी. सर्कुलर में बैंकों को धोखाधड़ी संबंधी जोखिमों की पहचान, निगरानी, रिपोर्टिंग और रोकथाम के लिए सेंट्रल फ्रॉड रजिस्ट्री का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है.

एसबीआई के आरोप

एसबीआई ने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया और बैंक फंड का दुरुपयोग किया. इसके बाद सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े ठिकानों और अनिल अंबानी के घर की तलाशी ली. अगस्त 2025 में बैंक की मुंबई ब्रांच की शिकायत पर केंद्रीय एजेंसी ने अंबानी के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया, जिससे एसबीआई को 2,929 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.

अनिल अंबानी की दलील

अनिल अंबानी की तरफ से वरिष्ठ वकील दैरियस खंबाटा और प्रतीक सेक्षारिया ने तर्क दिया कि एसबीआई ने उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया और यह आदेश मनमाना था. हालांकि, एसबीआई की ओर से वरिष्ठ वकील असपी चिनाई ने आदेश को सही ठहराया और याचिका खारिज करने की मांग की.

दूसरे बैंकों ने भी जारी किए हैं आदेश

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे सरकारी बैंकों ने भी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े अंबानी के लोन खातों के खिलाफ इसी तरह के आदेश जारी किए थे. फरवरी में हाई कोर्ट ने बैंकों की ओर से ‘धोखाधड़ी’ घोषित करने के “कट, कॉपी, पेस्ट” के तरीके पर चिंता जताई थी. जुलाई में कैनरा बैंक ने 2024 का आदेश वापस लिया और अगस्त में बैंक ऑफ बड़ौदा को अंबानी के खिलाफ कोई जबरदस्ती कदम न उठाने को कहा गया.

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अनिल अंबानी को बड़ा झटका

बॉम्बे हाई कोर्ट का यह निर्णय अनिल अंबानी के लिए बड़ा झटका है. कोर्ट ने एसबीआई के आदेश को सही ठहराया और उनकी याचिका खारिज कर दी. इससे स्पष्ट है कि बैंक और आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत वित्तीय संस्थाएं दिवालिया कंपनियों और धोखाधड़ी वाले अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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