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Health Insurance पर एडीबी की रिपोर्ट: बुजुगों के लिए बढ़ाना होगा कवरेज का दायरा

Updated at : 02 May 2024 5:22 PM (IST)
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Health Insurance पर एडीबी की रिपोर्ट: बुजुगों के लिए बढ़ाना होगा कवरेज का दायरा

एडीबी ने बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ाने की दी सलाह. फोटो: सोशल मीडिया

Health Insurance: एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील एशिया और प्रशांत देशों में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या साल 2050 तक लगभग दोगुनी होकर 1.2 अरब हो जाएगी, जो कुल आबादी का लगभग एक चौथाई होगा.

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Health Insurance: बुजुर्गों को हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाने को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) का बड़ा बयान सामने आया है. उसने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने के लिए बुजुर्गों को भी हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाने की जरूरत है. उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के मामले में भारत वैसे ही एशिया-प्रशांत देशों में सबसे निचले पायदान पर है. तेजी से बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने और वृद्धि की रफ्तार को कायम रखने के लिए उसे सबको हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाने की जरूरत है.

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज में भारत पीछे

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने गुरुवार को ‘एजिंग वेल इन एशिया’ शीर्षक से जारी एक रिपोर्ट में कहा कि दक्षिण कोरिया और थाइलैंड ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को हासिल कर लिया है, जबकि भारत समेत कई देश पीछे हैं. इन देशों में बुजुर्गों लोगों के बीच हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच सबसे कम 21 फीसदी है. हालांकि, एडीबी की वरिष्ठ अर्थशास्त्री एइको किकावा ने कहा कि गरीब लोगों को नकदी रहित (कैशलेस) हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं आने के बाद से बुजुर्गों का हेल्थ कवरेज बेहतर हुआ है.

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हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ाने से सुधरेंगे हालात

एडीबी की वरिष्ठ अर्थशास्त्री एइको किकावा ने कहा कि हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ाने से स्थिति में सुधार होगा और 60 साल से अधिक आयु के लोग अर्थव्यवस्था के लिए अधिक प्रोडक्टिव बन पाएंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अधिक उम्र वाले लोगों की मौजूदगी से मिलने वाला ‘लाभांश’ अधिक हो सकता है. किकावा ने कहा कि सबको हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाने के अलावा बुजुर्गों की फिजिकल और वर्क कैपिसिटी को अनुकूलित करने वाली जरूरी सेवाओं और गतिविधियों का विस्तार करना भी महत्वपूर्ण है.

2031-40 तक बढ़ेगी बुजुर्गों की आबादी

एडीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और भारत में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच से वंचित आधे से अधिक लोग निचली 40 फीसदी आबादी का हिस्सा हैं. हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि 2031-40 के दशक में उम्रदराज आबादी के कारण आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव भारत के मामले में कम पड़ेगा, क्योंकि यहां उस समय भी युवा आबादी का अनुपात अधिक होगा.

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2050 तक 1.2 अरब हो जाएगी

एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील एशिया और प्रशांत देशों में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या साल 2050 तक लगभग दोगुनी होकर 1.2 अरब हो जाएगी, जो कुल आबादी का लगभग एक चौथाई होगा. ऐसी स्थिति में पेंशन और कल्याण कार्यक्रमों के अलावा स्वास्थ्य बीमा की जरूरत भी बढ़ जाएगी. एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने कहा कि इन अर्थव्यवस्थाओं के पास बुजुर्गों से अतिरिक्त उत्पादकता के रूप में ‘लाभांश’ हासिल करने का मौका होगा, जो क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद को औसतन 0.9 फीसदी तक बढ़ा सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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