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Aadhaar-Voter ID Linking: अब आधार कार्ड से लिंक होगी वोटर आईडी, फर्जी वोटिंग पर खेला होबे या खेल खत्म!

Updated at : 19 Mar 2025 1:43 PM (IST)
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Aadhaar-Voter ID Linking

Aadhaar-Voter ID Linking

Aadhaar-Voter ID Linking: वोटर आईडी-आधार लिंकिंग का बड़ा फायदा ये है कि फर्जी वोटर का खेल खत्म हो जाएगा. डुप्लिकेट वोटरों पर नकेल कसी जाएगी और मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा बनाया जाएगा.

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Aadhaar-Voter ID Linking:अगर आपकी उम्र 18 साल हो चुकी है और आपका वोटर आईडी बन चुका है, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. अगर अब तक वोटर आईडी नहीं बना है, तब भी इस खबर पर ध्यान देना आपके घर के बड़े-बुजुर्गों के लिए अहम हो सकता है.दिल्ली में हाल ही में बड़ी बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और चुनाव आयोग के अधिकारी शामिल हुए. बैठक में वोटर आईडी को आधार से जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा हुई. इस चर्चा का नतीजा ये निकला कि वोटर आईडी-आधार लिंकिंग को हरी झंडी दे दी गई.

कौन-कौन थे बैठक में?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद थे. इनके अलावा गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, MeitY के सचिव, UIDAI के CEO और चुनाव आयोग के टेक्निकल एक्सपर्ट्स भी इस अहम मीटिंग में बैठे थे.

वोटर आईडी-आधार लिंकिंग पर कानूनी ठप्पा

चुनाव आयोग ने बताया कि वोटर आईडी-आधार लिंकिंग को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है. संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) का हवाला देकर इसे कानूनी जामा पहनाया गया है. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को भी ध्यान में रखा. अदालत ने EPIC (मतदाता पहचान पत्र) को आधार से जोड़ने के लिए कानूनी आधार देने की बात कही थी और उसी को फॉलो किया जा रहा है.

कैसे होगी लिंकिंग?

अब ऐसा नहीं है कि सरकार जबरन आपका आधार लिंक करवा रही है. ये पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा. यानी आपकी मर्जी है कि आप अपने वोटर आईडी को आधार से लिंक करें या नहीं. और हां, आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा.

इसे हमारा क्या फायदा

वोटर आईडी-आधार लिंकिंग का बड़ा फायदा ये है कि फर्जी वोटर का खेल खत्म हो जाएगा. डुप्लिकेट वोटरों पर नकेल कसी जाएगी और मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा बनाया जाएगा. इस फैसले के बाद उम्मीद है कि भारत की चुनाव प्रणाली में सुधार देखने को मिलेगा. फर्जी वोटिंग पर लगाम लगेगी और चुनावी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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