Aadhaar-Voter ID Linking: अब आधार कार्ड से लिंक होगी वोटर आईडी, फर्जी वोटिंग पर खेला होबे या खेल खत्म!

Aadhaar-Voter ID Linking
Aadhaar-Voter ID Linking: वोटर आईडी-आधार लिंकिंग का बड़ा फायदा ये है कि फर्जी वोटर का खेल खत्म हो जाएगा. डुप्लिकेट वोटरों पर नकेल कसी जाएगी और मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा बनाया जाएगा.
Aadhaar-Voter ID Linking:अगर आपकी उम्र 18 साल हो चुकी है और आपका वोटर आईडी बन चुका है, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. अगर अब तक वोटर आईडी नहीं बना है, तब भी इस खबर पर ध्यान देना आपके घर के बड़े-बुजुर्गों के लिए अहम हो सकता है.दिल्ली में हाल ही में बड़ी बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और चुनाव आयोग के अधिकारी शामिल हुए. बैठक में वोटर आईडी को आधार से जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा हुई. इस चर्चा का नतीजा ये निकला कि वोटर आईडी-आधार लिंकिंग को हरी झंडी दे दी गई.
कौन-कौन थे बैठक में?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद थे. इनके अलावा गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, MeitY के सचिव, UIDAI के CEO और चुनाव आयोग के टेक्निकल एक्सपर्ट्स भी इस अहम मीटिंग में बैठे थे.
वोटर आईडी-आधार लिंकिंग पर कानूनी ठप्पा
चुनाव आयोग ने बताया कि वोटर आईडी-आधार लिंकिंग को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है. संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) का हवाला देकर इसे कानूनी जामा पहनाया गया है. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को भी ध्यान में रखा. अदालत ने EPIC (मतदाता पहचान पत्र) को आधार से जोड़ने के लिए कानूनी आधार देने की बात कही थी और उसी को फॉलो किया जा रहा है.
कैसे होगी लिंकिंग?
अब ऐसा नहीं है कि सरकार जबरन आपका आधार लिंक करवा रही है. ये पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा. यानी आपकी मर्जी है कि आप अपने वोटर आईडी को आधार से लिंक करें या नहीं. और हां, आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा.
इसे हमारा क्या फायदा
वोटर आईडी-आधार लिंकिंग का बड़ा फायदा ये है कि फर्जी वोटर का खेल खत्म हो जाएगा. डुप्लिकेट वोटरों पर नकेल कसी जाएगी और मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा बनाया जाएगा. इस फैसले के बाद उम्मीद है कि भारत की चुनाव प्रणाली में सुधार देखने को मिलेगा. फर्जी वोटिंग पर लगाम लगेगी और चुनावी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
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इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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