सरकार की पैनी नजर : सोना-चांदी खरीदकर भी नहीं खपा सकेंगे ब्लैक मनी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Nov 2016 11:29 AM
नयी दिल्ली : देश के ब्लैक मनी पर सरकार की पैनी नजर है. सरकार 8 नवंबर के बाद होने वाले लेनदेन का ब्योरा रखेगी इतना ही नहीं सोना और हीरा खरीदने वालों पर भी सरकार की नजर है. आपको बता दें कि एक हजार और 500 के नोट बंद होने के बाद जिन लोगों ने […]
नयी दिल्ली : देश के ब्लैक मनी पर सरकार की पैनी नजर है. सरकार 8 नवंबर के बाद होने वाले लेनदेन का ब्योरा रखेगी इतना ही नहीं सोना और हीरा खरीदने वालों पर भी सरकार की नजर है. आपको बता दें कि एक हजार और 500 के नोट बंद होने के बाद जिन लोगों ने बड़ी संख्या में ब्लैक मनी जमा कर रखी है. वे लोग अब इसे खपाने या एडजस्ट करने की अलग-अलग जुगाड़ में लग गए हैं.
ऐसे लोगों में सबसे ज्यादा संख्या बड़े घूसखोर लोगों की है. चूकिं अपने ब्लैक रुपये को चाह कर भी वे व्हाइट में नहीं दिखा सकते हैं. इसलिए इसे एडजस्ट करने या खपाने के लिए लोग सबसे बेहतर रास्ता सोना, हीरा या प्लैटिनम जैसी महंगी वस्तु को खरीदने का अपना रहे थे हालांकि सरकार ने इसपर भी लगाम लगा दी.
सोना, चांदी समेत अन्य धातुओं की कीमतों में यूं आया उछाल
बंदी की घोषणा के दूसरे दिन से ही देश के कई शहरों में हजार और 500 रुपये के नोटों को खपाने के लिए सोना या अन्य बहुमूल्य धातुओं या रत्नों को खरीदने की होड़ लगी. इसी वजह से सोना, चांदी समेत अन्य धातुओं की कीमतों में काफी उछाल आया. हालांकि व्यवसायी इसका कारण अलग-अलग बता रहे थे.
500 का 400, 5 लाख में ढाई लाख का सोना
सोने की खरीदारी में जो लोग 500 और हजार के नोट को खपाना चाहते थे, उनके लिए अलग तरीके से रेट तय किया गया था. कम मात्रा में खरीदने वालों के लिए अगर वे 500 के नोट देते, तो इसका वैल्यूएशन 400 रुपये और हजार के नोट दे रहे, तो इसका मूल्य 800 रुपये लगाया जा रहा था. अगर कोई लोग बड़े स्तर पर खरीद करते हैं, तो पांच लाख रुपये में ढाई लाख रुपये का सोना दिया जा रहा था. प्लैटिनम और हीरा के साथ भी इसी तरह का फॉर्मूला अपनाया जा रहा था.
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