ePaper

जीएसटी पर रंगराजन ने कहा, अतिरिक्त कर हटायें जाएं

Updated at : 21 Dec 2015 6:59 PM (IST)
विज्ञापन
जीएसटी पर रंगराजन ने कहा, अतिरिक्त कर हटायें जाएं

हैदराबाद : रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा कि अंतर-राज्यीय बिक्री पर एक प्रतिशत का अतिरिक्त कर लगाना वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की भावना के अनुरुप नहीं है और इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए. रंगराजन ने यहां कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जीएसटी अच्छी पहल है. निश्चित तौर पर जो […]

विज्ञापन
हैदराबाद : रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा कि अंतर-राज्यीय बिक्री पर एक प्रतिशत का अतिरिक्त कर लगाना वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की भावना के अनुरुप नहीं है और इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए.
रंगराजन ने यहां कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जीएसटी अच्छी पहल है. निश्चित तौर पर जो एक प्रतिशत कर का विचार किया गया है कि वह जीएसटी की भावना के खिलाफ है और इस पर अमल नहीं होना चाहिए .” वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि कांग्रेस की एक प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क हटाने की मांग स्वीकार की जा सकती है लेकिन कहा था कि जीएसटी दर संविधान संशोधन विधेयक में शमिल करने की उनकी मांग नहीं मानी जा सकती.
जीएसटी पर गतिरोध का हवाला देते हुए पिछली सरकार में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे रंगराजन ने कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि दूसरे मुद्दों पर लचीलापन होना चाहिए और हमें यह भी देखना चाहिए कि जिन पर सहमति बने वह राज्यों के लिए स्वीकार्य होना चाहिए. संभव है कि राज्य बहुत कड़े फार्मूले को पसंद न करें.” यह पूछने पर कि क्या काले धन का पता लगाने के लिए पर्याप्त कोशिश की जा रही है, रंगराजन ने कहा कि इसे वापस लाना एक चीज है और काले धन को जमा करने से रोकना दूसरी चीज है.
देश की जीडीपी वृद्धि के बारे में रंगराजान ने कहा कि अर्थव्यवस्था पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर रह सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत के आसपास रह सकती है, यह मेरा अनुमान है.” देश के निर्यात कारोबार में लगातार गिरावट पर रंगराजन ने कहा कि भारत को इस दौरान कम आयात का भी फायदा हुआ है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola