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30 फीसदी अनाज हर साल हो रहा बर्बाद, 100 से ज्यादा देशों के पास खाने को नहीं, जानिए क्या है UN की रिपोर्ट

Updated at : 17 Jun 2022 9:34 AM (IST)
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30 फीसदी अनाज हर साल हो रहा बर्बाद, 100 से ज्यादा देशों के पास खाने को नहीं, जानिए क्या है UN की रिपोर्ट

UN की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप और उत्तरी अमेरिका में प्रत्येक व्यक्ति साल में 95 से 115 किलोग्राम खाने के सामान बर्बाद करता है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में यह प्रति वर्ष छह से 11 किलोग्राम है. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा भोजन बर्बाद करने में दूसरे नंबर पर है.

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संयुक्त राष्ट्र और कृषि संगठन के अनुमान के मुताबिक, दुनिया में पैदा होने वाला करीब 30 फीसदी खाद्यान्न कभी भी खाने की प्लेट तक नहीं पहुंच पाता है. वह भी तब, दुनिया खाद्य संकट के बीच में है. 100 से ज्यादा देशों में वर्ष 2000 की तुलना में 2021 में अधिक आबादी के पास खाने को भोजन नहीं है. जनवरी से गेहूं की कीमत दोगुनी हो गयी है. केला, मक्का और सोयाबीन जैसी अन्य खाद्य ‍वस्तुओं के दाम सर्वाधिक उच्चतम स्तर पर हैं. मलयेशिया ने मुर्गे (चिकन) का भंडारण शुरू कर दिया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने की बर्बादी सिर्फ खाद्य की बर्बादी नहीं होती, बल्कि यह इसकी पैदावार करने में लगने वाले पानी, भूमि, खनिज जैसे संसाधन सभी की बर्बादी है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में प्रत्येक व्यक्ति साल में 95 से 115 किलोग्राम खाने के सामान को बर्बाद करता है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में यह प्रति वर्ष छह से 11 किलोग्राम है. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा भोजन बर्बाद करने में दूसरे नंबर पर है.

यहां हर साल करीब 2100 करोड़ किलो गेहूं खराब हो जाता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया हर साल इतना ही गेहूं पैदा करता है. यहां हर साल 90 हजार करोड़ का 6.8 करोड़ टन खाना बर्बाद होता है, जो औसतन प्रति व्यक्ति 50 किलो है. मुंबई में हर दिन करीब 69 लाख किलो खाद्य सामग्री कचरे में फेंकी जाती है, जिससे आधी मुंबई का हर दिन पेट भरा जा सकता है. इस लागत पर यदि कोल्ड स्टोरेज और फूड चेन की व्यवस्था हो जाये, तो देश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोयेगा.

  • भारत में हर साल करीब 2100 करोड़ किलो गेहूं हो जाता है खराब

  • ऑस्ट्रेलिया इतनी ही गेहूं से अपनी पूरी आबादी का भरता है पेट

ऐसे समझें नुकसान को

17% आबादी (दुनिया की) हर दिन भूखे सोने को मजबूर

20 लाख लोग खराब खान-पान के चलते हो रहे बीमार

33% ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के लिए खराब फूड चेन जिम्मेदार

28% कृषि योग्य जमीन (दुनिया की) की उपज जा रही बेकार

05 बड़ी नदियों (दुनिया की) का पानी खराब हुए भोजन को पैदा करने में हो रहा बर्बाद

2050 तक आज के तीन गुने लोग रह रहे होंगे भूखे

202169 करोड़

203084 करोड़

2050200 करोड़

इन देशों में खाने की सबसे अधिक बर्बादी

देश बर्बादी (करोड़ टन में)

चीन 9.1

भारत 6.8

नाइजीरिया 3.7

इंडोनेशिया 2.0

अमेरिका 1.9

भारत में अमीरों की शादी में 200 से अधिक आइटम परोसने का चलन

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में अमीरों की शादियों में 200 से भी ज्यादा खाने के आइटम परोसने का चलन है. मेजबान भूल जाते हैं कि पेट की भी एक सीमा है. कोई भी आदमी सभी आइटम चखना भी चाहे, तो भी आधे पकवान छूट जायेंगे. महज इसी पूंजीवादी सोच के कारण देश के 20 करोड़ से अधिक लोग हर रात भूखे सो जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम 2021 के अनुसार, भारत में हर साल 40 फीसदी भोजन शादियों, घरों में लापरवाही, खराब आपूर्ति और अव्यवस्था के कारण बर्बाद हो जाता है.

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