स्पेक्ट्रम नीलामी के तौर तरीके को अंतिम रूप दिया जाएगा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jan 2015 2:24 PM
नयी दिल्ली : सरकार विभिन्न बैंडों में स्पेक्ट्रम की नीलामी के ज्यादातर तौर तरीकों को इसी सप्ताह अंतिम रूप दे सकती है. स्पेक्ट्रम नीलामी 23 फरवरी को की जानी है. अंतर मंत्रालयी समिति-दूरसंचार आयोग बुधवार को होने वाली बैठक में 3जी स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य को अंतिम रूप दे सकता है. वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल इसी […]
नयी दिल्ली : सरकार विभिन्न बैंडों में स्पेक्ट्रम की नीलामी के ज्यादातर तौर तरीकों को इसी सप्ताह अंतिम रूप दे सकती है. स्पेक्ट्रम नीलामी 23 फरवरी को की जानी है. अंतर मंत्रालयी समिति-दूरसंचार आयोग बुधवार को होने वाली बैठक में 3जी स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य को अंतिम रूप दे सकता है.
वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल इसी सप्ताह के शुरू में 800, 900 व 1,800 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम के आरक्षित मूल्य पर फैसला कर सकता है. एक सूत्र ने कहा, ‘कैबिनेट इस सप्ताह के शुरू में स्पेक्ट्रम के मूल्य पर विचार विमर्श करेगा.’ एक अन्य सूत्र ने बताया कि 3जी सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले 2,100 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य को अंतिम रूप देने के लिए दूरसंचार आयोग की बैठक बुधवार को होगी.
एक अन्य सूत्र ने कहा कि मूल्य को कैबिनेट की मंजूरी के बाद दूरसंचार विभाग आवेदन आमंत्रित करने के नोटिस (एनआईए) के जरिये नीलामी का ब्योरा जारी करेगा. उसने कहा, ‘दूरसंचार विभाग 6 जनवरी या अगले सप्ताह के शुरू तक स्पेक्ट्रम नीलामी का ब्योरा जारी कर सकता है. यह तभी हो सकता है जब मंत्रिमंडल तीनों बैंडों में आरक्षित मूल्य को मंजूरी दे दे.’
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) पहले ही 800, 900, 1800 तथा 2100 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए आधार मूल्य व अन्य तौर तरीकों के बारे में सिफारिशें दे चुका है. इसके अलावा नियामक ने सभी बैंडों में नीलामी साथ-साथ करने का भी सुझाव दिया है.
ट्राई ने 2100 मेगाहर्ट्ज (3जी) में अखिल भारतीय स्तर पर स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए 2,720 करोड रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज का मूल्य सुझाया है. यह 2010 में आपरेटरों द्वारा किए गए भुगतान से करीब 19 प्रतिशत कम है. इसके अलावा नियामक ने 1800 मेगाहर्ट्ज के लिए 2,138 करोड रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में 3,004 करोड रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज के मूल्य का सुझाव दिया है.
सीडीएमए आपरेटरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 800 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए ट्राई ने 3,104 करोड रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज का मूल्य सुझाया है. सरकार को उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी से 9,355 करोड रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है. इसके अलावा रक्षा मंत्रालय द्वारा खाली किए जाने के बाद होने वाली 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को 5,000 करोड रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है.
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