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''मध्य अवधि मुद्रास्फीति'' के लक्ष्य पर जोर दे रहा है रिजर्व बैंक : रघुराम राजन

Updated at : 27 Dec 2014 7:08 PM (IST)
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''मध्य अवधि मुद्रास्फीति'' के लक्ष्य पर जोर दे रहा है रिजर्व बैंक : रघुराम राजन

उदयपुर : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के मध्यम अवधि के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहेगा और वह अल्पकालिक लक्ष्य का पीछा नहीं करेगा. राजन ने आज यहां भारतीय आर्थिक संघ के सालाना सम्मेलन में कहा, मध्यम अवधि में आपको कुछ समय मिल जाता है. इसमें […]

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उदयपुर : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के मध्यम अवधि के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहेगा और वह अल्पकालिक लक्ष्य का पीछा नहीं करेगा.
राजन ने आज यहां भारतीय आर्थिक संघ के सालाना सम्मेलन में कहा, मध्यम अवधि में आपको कुछ समय मिल जाता है. इसमें अर्थव्यवस्था को बदलावों के साथ समन्वय बिठाने का समय मिल जाता है. मुद्रास्फीति लक्ष्य तय करने के लिये यह विवेकपूर्ण तरीका होगा और इसी पर हमें चर्चा करनी चाहिये. राजन ने जोर देते हुये कहा कि दुनिया में कोई भी देश, घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों को दरकिनार कर अल्पकालिक मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने के पीछे नहीं भागता है.
उन्होंने कहा, आमतौर पर मध्यम अवधि के लिये लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्य रखा जाता है और हम इसे हासिल करना चाहते हैं. इसे हासिल करने के लिये हम समय भी देना चाहते हैं. यदि हम रास्ते से भटक जाते हैं तो हमें मध्यम काल में अपने उद्देश्य को पाने के लिये फिर से स्थितियों को व्यवस्थित करना होगा. इसलिये मुझे कल ही यह हासिल नहीं करना है बल्कि आने वाले कुछ वषों (मध्यम अवधि) में इसे हासिल करने का प्रयास करना है.
रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त उर्जित पटेल समिति ने सुझाव दिया कि केंद्रीय बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति के मार्च 2015 तक 8 प्रतिशत और मार्च 2016 तक 6 प्रतिशत रहने का लक्ष्य लेकर चलना चाहिये.
राजन ने कहा, मेरा मानना है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में रिजर्व बैंक की अभी भी बडी भूमिका है. हम अपना कामकाज बंद करके घर बैठने नहीं जा रहे. रिजर्व बैंक ने इस साल जनवरी से प्रमुख नीतिगत दरों को 8 प्रतिशत पर बनाये रखा है. तब से इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. जबकि इस दौरान सरकार और उद्योग जगत लगातार ब्याज दरों में कमी की मांग करते रहे हैं.
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित थोक मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर शून्य पर आ गई. पिछले साढे पांच साल में यह सबसे कम रही है. खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति भी लगातार पांचवे महीने घटती हुई नवंबर 2014 में 4.38 प्रतिशत पर आ गई.
रिजर्व बैंक अगली द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा तीन फरवरी 2015 को करेगा.
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