देश की विकास दर घटी, मोदी के ''मेक इन इंडिया'' पर पड़ सकता है असर

नयी दिल्ली: खनन, बिजली तथा कुछ सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के चलते जुलाई-सितंबर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रही जो अनुमान से बेहतर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा आज जारी आंकडों के अनुसार दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि पिछले साल की समान तिमाही की […]
नयी दिल्ली: खनन, बिजली तथा कुछ सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के चलते जुलाई-सितंबर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रही जो अनुमान से बेहतर है.
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा आज जारी आंकडों के अनुसार दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि पिछले साल की समान तिमाही की वृद्धि 5.2 प्रतिशत से अच्छी रही लेकिन यह मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही (5.7 प्रतिशत) की तुलना में कम है.
अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार सितंबर तिमाही में वृद्धि दर 5-5.1 प्रतिशत के दायरे में रहेगी.आंकडों के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रही जो 2013-14 में 4.9 प्रतिशत थी.
जुलाई सितंबर की तिमाही में खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत रही. अप्रैल-सितंबर की अवधि में इस क्षेत्र की वृद्धि दर दो प्रतिशत रही थी जबकि पिछले साल इसी दौरान इस क्षेत्र का उत्पादन दो प्रतिशत घटा था.
हालांकि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 2014-15 की दूसरी तिमाही में 0.1 प्रतिशत रही जबकि गत वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1.3 प्रतिशत थी. अप्रैल-सितंबर की अवधि में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत रही जो कि एक साल पहले की अवधि में 0.1 प्रतिशत थी.
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