पटना बाजार : धनतेरस और दीपावली को लेकर सज चुकी हैं दुकानें, इन चीजों की जोरदार डिमांड

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : इन दिनों धनतेरस और दीपावली को लेकर खरीदारों के लिए बाजार सज कर तैयार हो चुका है. सुबह से शाम तक बाजार में खरीदारों की भीड़ देखी जा सकती है. जगह-जगह मिट्टी के दीये व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति के अलावा घर सजाने के समान बिक रहे है़ं मिट्टी के दीये व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति हर साइज में बाजार में उपलब्ध है. वैसे तो दीपावली में लोग ढेर सारे सामानों की खरीदारी करते हैं, लेकिन लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी सबसे अहम और शुभ माना जाता है. इस कारण सबसे पहले मूर्तियों की ही शॉपिंग लोग कर रहे हैं. अब मूर्तियों में भी कई तरह की डिजाइन उपलब्ध है. इस अवसर पर मिट्टी की मूर्ति में जहां जड़ी और मोती लगी हुई गणेश लक्ष्मी की मूर्ति मिल रही है. वहीं चांदी की मूर्ति की शॉपिंग भी खूब हो रही है. कई लोग अपने घर की मंदिर में चांदी की मूर्ति हमेशा के लिए स्थापित करते हैं, जिसे कभी विसर्जन नहीं किया जाता है.

मोती और जड़ी के वर्क के साथ मिल रही लक्ष्मी गणेश की मूर्ति

दीपावली को देखते हुए अब सड़क किनारे दुकानें सज चुकी है, जो आम लोगों के लिए खास माना जाता है. इसलिए यहां दीपावली के अवसर पर अभी से ही मिट्टी की खूबसूरत मूर्ति मिलने लगी है, जिसमें मोती और जड़ी वर्क चढ़ा हुआ है. वहीं, मिट्टी में भी ओरीजनल कपड़े और मुकुट पहनी हुई मां लक्ष्मी को पसंद किया जा रहा है. इस बारे में दुकानदारों ने बताया कि हम लोग दीपावली के आठ दिनों पहले से ही दुकान सजा देते हैं, जो दीपावली के दिन तक रहता है. इतने दिनों में सभी तरह की मूर्ति मिल रहे हैं, जो कई साइज में उपलब्ध है. इसकी खरीदारी कर रही नागेश्वर कॉलोनी की गीता शर्मा कहती हैं कि शुरुआत में ही मूर्ति के अच्छे कलेक्शन दिख जाते हैं. मैं हर बार बाजार में से चुन कर मूर्ति खरीदती हूं. इसलिए पहले मार्केट आयी हूं.

ढाई किलो तक की है चांदी की मूर्ति

पारंपरिक और विधि विधान को देखते हुए दीपावली के मौके पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति सबसे जरूरत की चीज होती है. क्योंकि दीपावली में दिये भी सबसे पहले मूर्ति के पास ही रोशन किये जाते हैं. पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं. इसलिए मार्केट में भी एक से बढ़ कर एक डिजाइन की मूर्ति मिल रही है. देखा जाये, तो चांदी की मूर्तियों की मांग अधिक है. कई लोग स्पेशल ऑर्डर दे कर करीब ढाई किलो चांदी की मूर्ति खरीद रहे हैं, जिसे स्पेशल ऑर्डर पर तैयार किया जाता है. इसमें सिंहासन के साथ-साथ झूला भी उपलब्ध है. इसके अलावा लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति मंदिर के साथ भी मिल रहे हैं. वहीं कुछ लोग सोने की मूर्ति भी स्पेशल ऑर्डर पर बनवा रहे हैं. इस बारे में नेहरू नगर की सुजाता कहती हैैं कि दीपावली में इस बार गोल्ड प्लेट में लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति ऑर्डर कर चुके हैं, जिसे धनतेरस के दीन घर पर लाते हैं. पटना के कई ऐसे लोग हैं, जो दीपावली में इनवेस्टमेंट के तौर पर मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं.

विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश पूजन पर खर्च करने होंगे 400 रुपये

दीपावली के मौके पर लक्ष्मी पूजन करने को लेकर पूजन सामग्री की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी है. अगर आप इस दीपावली पर विधि- विधान से लक्ष्मी पूजन करना चाहते है तो कम से कम 400 रुपये खर्च करने होंगे. कारोबारियों की माने में पिछले साल की तुलना में पूजन सामग्री के भाव में लगभग 25 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है. इस बार बाजार में लकड़ी का उल्लू और लक्ष्मी मां के लिए सिंहोरा भी आया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि पहली बार देखा है कि लकड़ी का उल्लू और सिंहोरा विशेष कर मां के लिए आया है. लोग पूजन सामग्रियों की एडवांस बुकिंग करा रहे हैं.

एक नजर में (भाव रुपये में )

लकड़ी का उल्लू 150- 250

कलश फूल फैंसी- 50- 150

फैंसी नारियल - 50- 150

लोटा फैंसी- 100- 150

पूजा थाली फैंसी- 150- 400

कुबेर की मूर्ति - 200 - 1000

कौड़ी का बंदनवार- 300- 600

फैंसी बंदनवार- 300- 3000

सिंहासान- 100 से 600

कुबेर थैली फैंसी- 30 से 200

माला- 10 से 600

भगवान का मुकुट - 20 से 1000

लक्ष्मी- गणेश पूजन सामग्री - 400 से 500.

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