कॉल कनेक्ट करने के शुल्क के मुद्दे पर जनवरी से पहले अंतिम फैसला लेगा TRAI

Updated at : 25 Sep 2019 8:28 PM (IST)
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कॉल कनेक्ट करने के शुल्क के मुद्दे पर जनवरी से पहले अंतिम फैसला लेगा TRAI

नयी दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को भरोसा है कि वह कॉल कनेक्ट करने के शुल्क पर एक जनवरी से पहले अपनी राय को अंतिम रूप दे देगा. नियामक इस बारे में उद्योग के साथ मशविरा कर रहा है. ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि निश्चित रूप से हम इसके लिए […]

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नयी दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को भरोसा है कि वह कॉल कनेक्ट करने के शुल्क पर एक जनवरी से पहले अपनी राय को अंतिम रूप दे देगा. नियामक इस बारे में उद्योग के साथ मशविरा कर रहा है. ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि निश्चित रूप से हम इसके लिए तय समयसीमा को पूरा कर पायेंगे. अब यह एक सीमित सवाल है. जमीन पर यह तथ्यात्मक स्थिति है और सीमित सवाल यही है कि क्या यह समय सीमा रहेगी या उसे विस्तार दिया जायेगा.

हालांकि, शर्मा ने फिलहाल इंटरकनेक्ट प्रयोग शुल्क (आईयूसी) के मुद्दे पर जारी राय-मशविरे की वजह से कोई टिप्पणी करने से इनकार किया. ट्राई ने 18 सितंबर को इंटरकनेक्शन उपभोक्ता शुल्क की समीक्षा से संबंधित परिचर्चा पत्र पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी थीं. सेवाप्रदाताओं के लिए आईयूसी को समाप्त करने की समय सीमा एक जनवरी, 2020 है. इस परिचर्चा पत्र पर टिप्पणियां भेजने की अंतिम तारीख 18 अक्टूबर है. उसके बाद एक नवंबर तक इस पर जवाबी प्रतिक्रिया भेजी जा सकती है.

चूंकि आईयूसी का मुद्दा फिर गरमा गया है, ऐसे में पिछले कुछ दिन के दौरान उद्योग के बीच शब्दों के बाण चलने लगे हैं. एयरटेल ने रिलायंस जियो पर प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क को कॉल्स के लिए भुगतान की प्रणाली से ‘खेल’ करने का आरोप लगाया है. वहीं, जियो ने जवाबी हमला करते हुए कहा है कि मौजूदा ऑपरेटर ऊंचा वॉयस शुल्क वसूल रहे हैं और प्रणाली के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

एयरटेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जियो का नाम लिये बिना इसी सप्ताह कहा था कि एक सिर्फ 4जी सेवा देने वाली बड़ी कंपनी दूसरे ऑपरेटरों के नेटवर्क पर आउटगोइंग कॉल्स में मनमाने तरीके से घंटी या रिंग बजने के समय को घटा रही है. इससे ग्राहकों को काफी असुविधा हो रही है.

कॉल टर्मिनेशन शुल्क का मतलब यह है कि एक ऑपरेटर के ग्राहक की किसी दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क पर समाप्त होने वाली कॉल के लिए किये जाने वाले शुल्क भुगतान से है. अभी ऑपरेटरो को छह पैसे प्रति मिनट का कॉल टर्मिनेशन शुल्क देना पड़ता है. आईयूसी को एक जनवरी, 2020 से शून्य करने का प्रस्ताव है. हालांकि, अब ट्राई इस समयसीमा की समीक्षा कर रहा है.

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