ePaper

पीएम मोदी ने ओपेक देशों को किया आगाह, कच्चा तेल बिगाड़ रहा भारत जैसे विकासशील देशों का बजट

Updated at : 15 Oct 2018 7:02 PM (IST)
विज्ञापन
पीएम मोदी ने ओपेक देशों को किया आगाह, कच्चा तेल बिगाड़ रहा भारत जैसे विकासशील देशों का बजट

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सऊदी अरब जैसे तेल उत्पादक देशों से तेल के भावों को कम कर उचित स्तर पर लाने के लिए और अधिक कदम उठाने की अपील की. मोदी ने तेल का उत्पादक एवं निर्यातक देशों (ओपेक) को आगाह किया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से वैश्विक […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सऊदी अरब जैसे तेल उत्पादक देशों से तेल के भावों को कम कर उचित स्तर पर लाने के लिए और अधिक कदम उठाने की अपील की. मोदी ने तेल का उत्पादक एवं निर्यातक देशों (ओपेक) को आगाह किया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से वैश्विक आर्थिक वृद्धि को नुकसान हो रहा है. मोदी ने वैश्विक तथा घरेलू तेल एवं गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों साथ राजधानी में तीसरी सालाना चर्चा में भारत जैसे तेल उपभोक्ता देशों की चिंताओं को सामने रखा. मामले से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े सूत्रों ने इसकी जानकारी दी.

इसे भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी महंगाई की आग, बना नया रिकॉर्ड, जानें पड़ोसी देशों में कीमत

कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत में डीजल पेट्रोल और रसाईं गैस के दाम ऊंचे हो गये हैं. मोदी ने सऊदी अरब के तेल मंत्री खालिद अल-फालेह की उपस्थिति में कहा कि कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी हैं. इससे वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव पड़ रहा है, मुद्रास्फीति बढ़ रही है और भारत जैसे विकासशील देशों का बजट खराब हो रहा है. मोदी ने कंपनियों के प्रमुखों से यह भी पूछा कि पिछली बैठक में उनके द्वारा दिये सुझावों पर अमल करने के बाद भी देश में तेल एवं गैस के खोज और उत्पादन के क्षेत्र में निवेश क्यों नहीं आ रहा है.

अल-फालेह ने इंडिया एनर्जी फोरम में कहा कि मोदी ने कच्चे तेल की अधिक कीमतों से उपभोक्ताओं को हो रही तकलीफ का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हमने आज इसे (उपभोक्ताओं के दर्द को) प्रधानमंत्री से बेहद स्पष्ट तौर पर सुना. फालेह ने कहा कि यदि सऊदी अरब ने कदम नहीं उठाये होते, तो यह दर्द और अधिक होता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हम जैसे उत्पादकों को सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को जान से मारने के प्रति सावधान किया. उन्होंने उपभोक्ताओं की तुलना सोने का अंडा देने वाली मुर्गी से की.

इस मौके पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत कई प्रकार की दिक्कतों का समाना कर रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में डॉलर के संदर्भ में कच्चा तेल 50 फीसदी और रुपये के संदर्भ में 70 फीसदी महंगा हो चुका है. इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार भी शामिल रहे. सूत्रों ने कहा कि बीपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बॉब डुडले, टोटल के प्रमुख पैट्रिक फोउयाने, रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक पीएमएस प्रसाद और वेदांता प्रमुख अनिल अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित रहे.

ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में कच्चे तेल की कीमतों में उथल-पुथल और ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के संबंध में चर्चा की गयी. इसके अलावा, देश में कारोबार करना आसान बनाने के लिए उठाये जाने कदमों तथा निवेश आकर्षित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola