मोटे लोगों के लिए जानलेवा बन रहा कोरोना का संक्रमण, कोविड अस्पतालों के आंकड़े दे रहे गवाही, जानें-क्या है डॉक्टर की राय
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 12 Apr 2021 3:02 PM
मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए कोरोना संक्रमण जानलेवा साबित हो रहा है. कोविड अस्पतालों में अब तक हुई मौत व भर्ती होने वाले ऐसे मरीजों की एक बड़ी संख्या है, जो पहले से मोटापे से ग्रस्त थे. कोरोना के जितने मरीज संक्रमित हुए, उनमें से जिन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, उनमें करीब 20 फीसदी लोग मोटापे से पीड़ित थे.
मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए कोरोना संक्रमण जानलेवा साबित हो रहा है. कोविड अस्पतालों में अब तक हुई मौत व भर्ती होने वाले ऐसे मरीजों की एक बड़ी संख्या है, जो पहले से मोटापे से ग्रस्त थे. कोरोना के जितने मरीज संक्रमित हुए, उनमें से जिन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, उनमें करीब 20 फीसदी लोग मोटापे से पीड़ित थे. ऐसे में मोटापे पर कंट्रोल रखें व खान-पान पर ध्यान दें.
अगर सामान्य से बहुत ज्यादा वजन है तो डॉक्टर से सलाह लेकर बेरियाट्रिक सर्जरी करा सकते हैं. यह कहना है इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के जीआइ सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ साकेत कुमार का. रविवार को प्रभात खबर की ओर से टेली काउंसेलिंग का आयोजन किया गया. इसमें उन्होंने सभी सवालों के जवाब देते हुए बीमारी के निदान के बारे में बताया.
डॉ साकेत कुमार की देखरेख में आइजीआइएमएस में मोटापे की सर्जरी शुरू की गयी है. जहां सर्जरी कराने को लेकर लोगों में धीरे-धीरे जागरूकता देखने को मिल रही है. डॉ साकेत ने कहा कि लिमिट से बाहर मोटापे को कम करने के लिए इन दिनों बेरियाट्रिक सर्जरी को काफी कारगर उपाय माना जा रहा है. हालांकि यह सर्जरी ऐसे लोगों के लिए ही है, जिनका लंबाई के अनुसार संतुलित वजन से 35 से 40 किलो वजन ज्यादा हो.
इस सर्जरी में मुख्य रूप से अमाशय के अस्सी फीसदी हिस्से को काट कर अलग कर दिया जाता है. अच्छी बात तो यह है कि इस सर्जरी के छह महीने के अंदर वजन 60 किलो तक घट जाता है. मोटापा घटते ही डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, हर्ट प्रॉब्लम और हाइपर टेंशन जैसी समस्याएं भी दूर होने लगती हैं.
मोटे लोगों को कोई भी बीमारी होने की आशंका ज्यादा होती है. मोटापे से पीड़ित लोगों में फैट अधिक मात्रा में रहता है. यह लिवर को प्रभावित करता है. इस वजह से ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है. यही कारण है कि मोटे लोगों को कोरोना से काफी अधिक खतरा रहता है. अगर इन मरीजों में डायबिटीज की भी समस्या है तो यह रोग इनके लिए काफी घातक साबित होता है. बिहार में 11 प्रतिशत महिलाएं व 15 प्रतिशत पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं, जिनकी उम्र 15 से 50 साल के बीच की है.
– फाइबर वाली चीजों को अपने खाने में शामिल करें.
– भोजन में सब्जियां और फल का सेवन अधिक करें.
– वजन कम करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें.
– कड़वी चीजें खाएं, जैसे करैला, मेथी, पालक, भिंडी
– 30 प्रतिशत से ज्यादा मीठे वाली मिठाइयां न खाएं
– मैदा, चावल और सफेद चीनी के अधिक इस्तेमाल से बचें
Posted By: Utpal Kant
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