ChatGPT Google Bard WhatsApp: डिजिटल जगत के गुरुओं पर आंख बंद कर भरोसा करना कितना सही? Teacher's Day पर जानें
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 05 Sep 2023 2:12 PM
ChatGPT Bard Google WhatsApp As Teachers - आज की फास्ट लाइफ में हम इतना रम गए हैं कि हमें सब कुछ इंस्टैंट चाहिए. इंटरनेट के जमाने में गुरु का भी महत्व कम हो रहा है. तुरंत जानने के लिए लोग इंटरनेट पर कुछ भी सर्च कर उसका जवाब तलाश लेते हैं. लेकिन यहां मिलनेवाली जानकारी कितनी सही होती है? आइए जानें-

ChatGPT Bard Google WhatsApp As Teachers: आज टीचर्स डे है, यानी शिक्षक दिवस. हमारी सनातन संस्कृति में एक कहावत प्रचलित है- गुरु बिन ज्ञान कहां. मतलब यह कि हमारे जीवन में शिक्षक की जगह कोई नहीं ले सकता है.

लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इतना रम गए हैं कि हमें सब कुछ इंस्टैंट चाहिए होता है. इंटरनेट के जमाने में गुरु का महत्व शायद कम होने लगा है. इंस्टैंट जानकारी के चक्कर में लोग इंटरनेट पर कुछ भी सर्च कर उसका जवाब तलाश लेते हैं.
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यहां ध्यान रखनेवाली बात यह है कि इंटरनेट पर दी गई हर जानकारी जरूरी नहीं कि हर बार सही ही हो. इंटरनेट के इस दौर में गूगल और व्हाट्सऐप जानकारी के सबसे बड़े स्रोत हैं. वहीं, पिछले कुछ दिनों में तो चैटजीपीटी का इतना हल्ला मचा है कि लोग इससे हर तरह के सवाल पूछने लगे हैं. लेकिन इनकी इंफॉर्मेशन कितनी सही होती है? आइए जानते हैं-

गूगल गुरु का ज्ञान जांच-परख लेना जरूरी
डिजिटल दुनिया में गूगल बाबा सबसे पॉपुलर हैं. यह गुरु ही नहीं, बल्कि ज्ञान की खान है. बस एक क्लिक पर आपको अपने सवाल का जवाब फौरन मिल जाता है. लेकिन जहां इस गुरु से ज्ञान प्राप्त करना आसान है, वहीं इससे प्राप्त ज्ञान हमेशा सही नहीं होता. गूगल से मिली जानकारी की सत्यता को किसी और माध्यम से जांच करना जरूरी है.
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व्हाट्सऐप गुरु भी भरोसेमंद नहीं
गूगल गुरु से भी तेजी से व्हाट्सऐप गुरु सुबह से रात तक ज्ञान बांटते रहते हैं. इसके जरिये बिन मांगे ज्ञान की बरसात होती रहती है. गुड मॉर्निंग, गुड नाइट मैसेज के अलावा, जोक्स, बीमारी के नुस्खे, सामाजिक आर्थिक मानसिक परेशानियों के हल. क्या कुछ नहीं मिलता यहां पर? कभी कोई चमत्कार, तो कभी धर्म की भड़काऊ बातें हमारे फोन तक पहुंचती हैं. इन सारी चीजों पर किसी फैसले तक पहुंचने से पहले हमें अपना दिमाग जरूर लगा लेना चाहिए.

ChatGPT – Bard के जवाब भी री-चेक कर लें
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित चैटजीपीटी और बार्ड जैसे चैटबॉट्स इन दिनों धड़ल्ले से यूज किये जा रहे हैं. लोग इसे छोटे मोटे सवालों के जवाब जानने के साथ ही कविताएं और थीसिस तक लिखवा ले रहे हैं. लेकिन इन प्लैटफॉर्म्स पर जाकर सवालों के जवाब ढूंढने के बाद उसपर भरोसा करने से पहले अपनी अक्ल लगानी भी जरूरी है. इनसे आउटपुट में जो भी कंटेंट आपके सामने आये, उसे एक बार क्रॉस चेक जरूर कर लेना चाहिए, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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