सिंगल और डुअल-चैनल ABS में क्या फर्क है? नई बाइक खरीदने से पहले जरूर जान लें

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सिंगल और डुअल-चैनल ABS (Photo: tvsmotor.com)

बाइक में Single-Channel और Dual-Channel ABS सेफ्टी फीचर हैं. ये इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान बाइक को स्किड होने से बचाते हैं. आइए जानते हैं दोनों सिस्टम कैसे काम करते हैं और आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा ऑप्शन ज्यादा सेफ है.

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नई बाइक खरीदते समय आपने अक्सर देखा होगा कि एक ही मॉडल के दो वेरिएंट मिलते हैं. एक में Single-Channel ABS होता है, जबकि दूसरे में Dual-Channel ABS दिया जाता है और उसकी कीमत भी थोड़ी ज्यादा होती है. ऐसे में कई लोगों के मन में यही सवाल आता है कि आखिर ये होते क्या हैं और कौन सा खरीदना सही रहेगा. आइए इस सवाल का जवाब जानते हैं.

ABS क्या होता है?

ABS यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम. यह बाइक की सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी फीचर है. अक्सर अचानक सामने कोई गाड़ी या व्यक्ति आ जाए तो हम घबराकर जोर से ब्रेक लगा देते हैं. ऐसे सिचुएशन में अगर बाइक में ABS न हो, तो पहिए लॉक हो सकते हैं और बाइक फिसलने (स्किड) लगती है. पहिए लॉक होते ही बाइक पर कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है. इससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, ABS ब्रेक लगाते समय पहियों को पूरी तरह लॉक नहीं होने देता, जिससे बाइक का बैलेंस बना रहता है और राइडर बेहतर तरीके से उसे कंट्रोल कर पाता है.

सिंगल-चैनल ABS क्या होता है?

अगर बाइक में सिंगल-चैनल ABS है, तो इसका मतलब है कि ABS सिर्फ फ्रंट व्हील पर काम करता है. यानी अगर अचानक तेज ब्रेक लगाने पर आगे का टायर लॉक होने लगे, तो ABS तुरंत ब्रेकिंग फोर्स को कंट्रोल करता है. इससे फ्रंट व्हील घूमता रहता है और बाइक पर आपकी पकड़ बनी रहती है.

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बाइक की सबसे ज्यादा ब्रेकिंग पावर फ्रंट ब्रेक से मिलती है. ऐसे में इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान फ्रंट व्हील पर मौजूद सिंगल-चैनल ABS आपको बड़ी दुर्घटना से बचा सकता है. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि रियर व्हील पर ABS नहीं होता. ऐसे में अगर आप पीछे वाला ब्रेक जरूरत से ज्यादा जोर से दबा देते हैं, तो रियर व्हील लॉक होकर स्किड कर सकता है.

डुअल-चैनल ABS क्या होता है?

डुअल-चैनल ABS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ आगे वाले नहीं, बल्कि आगे और पीछे दोनों पहियों पर काम करता है. जैसे ही सिस्टम को लगता है कि तेज ब्रेक लगाने पर कोई भी पहिया लॉक होने वाला है, यह अपने आप दोनों पहियों पर अलग-अलग तरीके से ब्रेकिंग प्रेशर को कंट्रोल कर देता है.

इसका नतीजा यह होता है कि अचानक ब्रेक लगाने पर भी बाइक का बैलेंस बेहतर बना रहता है और फिसलने का खतरा काफी कम हो जाता है. चाहे बारिश में गीली सड़क पर इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़े या सामने अचानक कोई रुकावट आ जाए, दोनों पहिए रोल करते रहते हैं. इससे राइडर को ज्यादा कंट्रोल और  बेहतर स्टेबिलिटी मिलती है.

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अंकित आनंद

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By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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