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पाकिस्तान की ऑटो इंडस्ट्री भी कंगाली के कगार पर, तीन कार कंपनियों ने कारोबार समेटा

Updated at : 25 Oct 2023 8:42 AM (IST)
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पाकिस्तान की ऑटो इंडस्ट्री भी कंगाली के कगार पर, तीन कार कंपनियों ने कारोबार समेटा

जापानी कार कंपनी टोयोटा के लिए गाड़ी असेंबल करने वाली कंपनी इंडस मोटर ने पिछले 17 अक्टूबर, 2023 से फिलहाल एक महीने के लिए कारों के उत्पादन पर रोक लगाने का ऐलान किया है.

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नई दिल्ली : कोविड-19 के समय से ही आर्थिक तंगी की मार झेल रहे पाकिस्तान के ऑटो इंडस्ट्री में भी कंगाली के बादल मंडराने लगे हैं. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि वे ऑटो इंडस्ट्री को आर्थिक संकट से बचाने के लिए किसी भारत की उत्पादन प्रोत्साहन योजना की शुरुआत कर सके. आलम यह है कि शहबाज शरीफ सरकार के उदासीन रवैये और आर्थिक संकट की वजह से पाकिस्तान में तीन प्रमुख कार कंपनियों ने अपना कारोबार समेटकर उत्पादन पूरी तरह से बंद कर दिया है. मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि होंडा एटलस कार्स, पाक सुजुकी मोटर कंपनी और इंडस ने पाकिस्तान में कारों के उत्पादन पर फिलहाल रोक लगा दी है. पाकिस्तान में जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा के लिए इंडस ही कारों को असेंबल करने का काम करती है.

क्यों बंद किया गया कारों का उत्पादन

मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि जापानी कार कंपनी टोयोटा के लिए गाड़ी असेंबल करने वाली कंपनी इंडस मोटर ने पिछले 17 अक्टूबर, 2023 से फिलहाल एक महीने के लिए कारों के उत्पादन पर रोक लगाने का ऐलान किया है. वहीं, होंडा एटलस कार्स और पाक सुजुकी मोटर ने अपने उत्पादन संयंत्र को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है. इन तीनों कार कंपनियों की ओर से जारी आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि पाकिस्तान में होंडा, टोयोटा और सुजुकी का उत्पादन जरूरी कच्चे माल की कमी की वजह से रुका हुआ है. खबर में यह भी बताया गया है कि इंडस मोटर का उत्पादन एक महीने के लिए निलंबित किया गया है, जबकि सुजुकी का उत्पादन संयंत्र 27 अक्टूबर, 2023 तक दो दिनों के लिए बंद रहेगा. वहीं, होंडा एटलस कार्स ने ऐलान किया है कि उसने पाकिस्तान में कारों का उत्पादन बंद कर दिया है.

पाकिस्तान में पहले भी कारों उत्पादन हुआ है बंद

पाकिस्तान में कारों का उत्पादन बंद होना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी जून 2023 में पाकिस्तान सुजुकी मोटर कंपनी ने कारों का उत्पादन 75 दिनों के लिए बंद कर दिया था. अब जबकि दोबारा पाकिस्तानी ऑटो इंडस्ट्री पर आर्थिक संकट के बादल मंडराने लगे हैं, तो कंपनी की ओर से कहा गया है कि इन्वेंटरी लेवल पर आई कमी की वजह से कंपनी के प्रबंधन ने 27 अक्टूबर, 2023 तक ऑटो प्लांट को बंद करने का फैसला किया है. हालांकि, मोटरसाइकिलों का उत्पादन पहले की तरह जारी रहेगा. कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि सप्लाई चेन में मौजूदा इन्वेंट्री लेवल और जगह की कमी ने परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. इसी का नतीजा है कि कंपनी उत्पादन जारी रखने में असमर्थ है. यही वजह है कि उत्पादन संयंत्र 31 अक्टूबर, 2023 तक बंद रहेगा.

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का खस्ताहाल

पाकिस्तान में वैश्विक कार निर्माता कंपनियों के कारोबार समेटने के पीछे सबसे बड़ा कारण है और वह कारों के उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले कल-पुर्जों का समय पर उपलब्ध नहीं होना है. मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि बीते एक साल से अधिक समय से पाकिस्तान के आर्थिक संकट की वजह से वहां ऑटोमोबाइल सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित है. इन्वेंट्री लेवल में कमी ने पाकिस्तान के ऑटो इंडस्ट्री में अस्थायी तौर पर कारोबार समेटने के सिलसिले को शुरू कर दिया है. आशंका यह भी जाहिर की जा रही है कि शहबाज शरीफ सरकार की उदासीनता इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में वैश्विक कार उत्पादक कंपनियां पूरी तरह से अपना कारोबार समेटकर कहीं और चली जाएंगी.

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शहबाज सरकार ने उठाया गलत कदम

पाक सुजुकी पाकिस्तान में सुजुकी वाहनों और मोटरसाइकिलों को असेंबल करती है और 2019, 2020 और 2022 में घाटा में चल रही है. कंपनी ने वित्तीय घाटे को डीलिस्टिंग के प्राथमिक कारणों में से एक बताया है. पाकिस्तान की स्थिति के बारे में विस्तार से बताते हुए पाक सुजुकी के निदेशक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कठिन बाहरी वातावरण, विनाशकारी बाढ़ और नीतिगत गलत कदमों के कारण वित्तीय वर्ष 2022-23 में बड़े राजकोषीय, बाहरी घाटे, बढ़ती मुद्रास्फीति और आरक्षित बफ़र्स में कमी आई है. द न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का ऑटो सेक्टर बहुत हद तक आयात पर निर्भर करता है. डॉलर की कमी और पाकिस्तानी रुपये में आई भारी गिरावट की वजह से शहबाज शरीफ सरकार की ओर से आयात पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के फैसले से यहां का ऑटो इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. फिलहाल, पाकिस्तान में आयात तो महंगा हो ही गया है, कारों की कीमतें भी बेतहाशा बढ़ गई हैं. इस कारण कार कंपनियों को ढंग से ग्राहक भी नहीं मिल पा रहे हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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