₹969 में बिकने वाला हेलमेट बना सुपरहिट, बिक्री 1 करोड़ के पार

Steelbird Rox
Steelbird की ROX हेलमेट सीरीज ने भारत में 1 करोड़ यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार किया. ₹969 कीमत, ISI सर्टिफिकेशन और मजबूत डिजाइन ने इसे डेली राइडर्स के बीच लोकप्रिय बना दिया है.
भारत में टू-व्हीलर सेफ्टी को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और अब इसका असर सीधे बिक्री के आंकड़ों में भी दिखने लगा है. इसी कड़ी में हेलमेट निर्माता Steelbird Hi-Tech India Limited ने बड़ा मुकाम हासिल किया है. कंपनी की ROX हेलमेट सीरीज ने देश में 1 करोड़ यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. खास बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब सस्ते लेकिन सेफ हेलमेट की मांग तेजी से बढ़ रही है.
1 करोड़ बिक्री का आंकड़ा क्यों है खास?
ROX सीरीज की यह उपलब्धि सिर्फ एक बिजनेस माइलस्टोन नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि अब भारतीय राइडर्स सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा गंभीर हो रहे हैं. खासकर रोजाना बाइक या स्कूटर से चलने वाले लोग अब ISI सर्टिफाइड हेलमेट को प्राथमिकता दे रहे हैं.
कंपनी के मुताबिक, इस सीरीज को खास तौर पर मिड-सेगमेंट और डेली कम्यूटर यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, जो अब बड़े पैमाने पर लोकप्रिय हो चुकी है.
डिजाइन और सेफ्टी फीचर्स पर फोकस
ROX हेलमेट सीरीज को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए इसमें हाई-इम्पैक्ट ABS शेल का इस्तेमाल किया गया है. इसके अंदर मल्टी-डेंसिटी EPS (Expanded Polystyrene) लगाया गया है, जो एक्सीडेंट के समय झटके को कम करने में मदद करता है.
इसके अलावा हेलमेट में बेहतर एयरफ्लो के लिए वेंटिलेशन सिस्टम दिया गया है, जिससे लंबे समय तक पहनने में भी आराम बना रहता है. स्क्रैच-रेसिस्टेंट वाइजर, क्विक-रिलीज बकल और हल्का वजन इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आसान बनाते हैं.
सबसे जरूरी बात, यह हेलमेट ISI सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जो बेसिक सेफ्टी स्टैंडर्ड को सुनिश्चित करता है.
किफायती कीमत बनी बड़ी ताकत
इस हेलमेट की कीमत करीब ₹969 रखी गई है, जो इसे आम लोगों के बजट में फिट बनाती है. यही वजह है कि यह सीरीज बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों में भी तेजी से लोकप्रिय हुई है.
कम कीमत में बेसिक सेफ्टी देने की रणनीति ने ROX को मास मार्केट में मजबूत पकड़ दिलाई है.
रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बना हेलमेट
ROX हेलमेट का डिजाइन खास तौर पर डेली कम्यूट के लिए तैयार किया गया है. इसमें मिलने वाली पैडिंग को हटाकर साफ किया जा सकता है, जिससे इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना आसान हो जाता है.
हालांकि, यह हेलमेट हाई-स्पीड या प्रोफेशनल राइडिंग के लिए नहीं बल्कि रोजाना ऑफिस या लोकल ट्रैवल के लिए ज्यादा उपयुक्त है.
क्या कहता है मार्केट ट्रेंड?
इस उपलब्धि से साफ है कि भारत में अब लोग सस्ती लेकिन सुरक्षित प्रोडक्ट्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. सरकार की सख्ती और जागरूकता अभियान भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं. आने वाले समय में ऐसे किफायती हेलमेट्स की मांग और बढ़ने की उम्मीद है.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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