Hindi Diwas 2022: FB-WhatsApp के जरिये अपने दोस्तों, प्रियजनों को भेजें हिंदी दिवस के शुभकामनाएं

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Hindi diwas 2024

Hindi Diwas Facebook Whatsapp Status: हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिये अपने दोस्तों, प्रियजनों को हिंदी दिवस के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.

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Hindi Diwas 2022 Wishes, WhatsApp Status, Quotes, Images, Slogan: भारत के अलावा अन्य कई देशों में हिंदी भाषा बोली, पढ़ी और लिखी जाती है. मातृभाषा हिंदी का परचम पूरी दुनिया में लहराने, ख्याति फैलाने के लिए और हमारे देश के लोगों को हिंदी बोलने, लिखने और समझने के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है. साल 1949 में 14 सितंबर को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था. भारत सरकार ने अंग्रेजी के बाद देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया. इसके बाद साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया था.

हमारी हिंदी भाषा, इंग्लिश, स्‍पैनिश और मंदारिन के बाद दुनिया में चौथी सबसे ज्‍यादा बोली जाने वाली भाषा है. कई अंग्रेजी शब्दों की उत्पत्ति भी हिंदी के शब्दों से हुई है. ऐसे में हिंदी दिवस सभी भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण दिनों में से एक है. इस दिन को मनाने के लिए देश भर में कई सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. आज के दिन स्कूल, कॉलेजों और ऑफिसों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. हिंदी भाषा का महत्व बताया जाता है. इस मौके पर आप भी अपने दोस्तों और प्रियजनों को तरह-तरह के मैसेज, कोट्स और शायरी भेजकर इस दिन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

हम सब का अभिमान है हिंदी

भारत देश की शान है हिंदी

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

बिछड़ जाएंगे अपने हमसे,

अगर अंग्रेजी टिक जाएगी

मिट जाएगा वजूद हमारा,

अगर हिंदी मिट जाएगी.

हिंदी और हिंदुस्तान हमारा है और हम इसकी शान हैं

दिल हमारा एक है और एक हमारी जान है

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

हिंदुस्तान की शान है हिंदी,

हर हिंदुस्तानी की पहचान है हिंदी,

एकता की अनुपम परंपरा है हिंदी,

हर दिल का अरमान है हिंदी

हैप्‍पी हिंदी दिवस.

हर कण में है हिंदी बसी

मेरी मां की इसमें बोली बसी

मेरा मान है हिंदी

मेरी शान है हिंदी.

Why we celebrate Hindi Diwas? Hindi Diwas Importance, Significance

हिंदी केंद्र सरकार की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक है. दूसरी भाषा अंग्रेजी है. हिंदी भारत गणराज्य की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है. कहते हैं कि बोहर राजेंद्र सिंह के प्रयासों से हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिली शरण गुप्त और सेठ गोविंद दास के साथ हिंदी को दो आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में मान्यता मिली थी. यह बोहर राजेंद्र सिंह के 50वें जन्मदिन पर हुआ था, जिन्होंने भारत के संविधान की मूल अंतिम पांडुलिपि का चित्रण किया था. अंग्रेजी के चलन की वजह से आजकल बच्चे-बड़े तक अंग्रेजी में बात करना पसंद करते हैं. लेकिन हमें अपने देश की भाषा और हिंदी का ज्ञान जरूर होना चाहिए. बच्चों को हिंदी बोलना और पढ़ना आना चाहिए. ऐसे में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिये अपने दोस्तों, प्रियजनों को हिंदी दिवस के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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