Aarogya Setu App कैसे खोज निकालता है आपके आसपास का कोरोना मरीज?
Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Apr 2020 9:49 AM
How Does Coronavirus Tracker App Aarogya Setu App Work: कोरोना वायरस के बारे में लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने नया ऐप आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजर इस्तेमाल कर सकेंगे. इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत है कि यह आपके आसपास का कोरोना मरीज को ढूंढ निकालता है. कैसे, आइए जानें-
How Does Coronavirus Tracker App Aarogya Setu App Work: कोरोना वायरस के बारे में लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने नया ऐप आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजर इस्तेमाल कर सकेंगे. इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत है कि यह आपके आसपास का कोरोना मरीज को ढूंढ निकालता है. कैसे, आइए जानें-
ब्लूटूथ, एल्गोरिदम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल
आरोग्य सेतु ऐप लोगों को खुद ही कोरोनो वायरस संक्रमण को पकड़ने के जोखिम का आकलन करने लायक बनाने के लिए तैयार किया गया है. यह दूसरों के साथ उनकी बातचीत के आधार पर कैलकुलेशन करेगा, इसमें आधुनिक ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शामिल है.
कोरोना पीड़ितों का डेटाबेस
आरोग्य सेतु ऐप में एक चैटबॉट भी है, जिसमें यूजर को कोरोना महामारी से जुड़े सवालों के सही जवाब देते हैं. इसके आधार पर यह यूजर को अगला कदम उठाने की सलाह देती है. अगर यूजर हाई रिस्क एरिया में है, तो ऐप उसको कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देता है. इसके लिए ऐप को कोरोना पीड़ितों के डेटाबेस से जोड़ा गया है, हालांकि यह धीरे-धीरे ऐप खुद का डेटाबेस भी तैयार करेगा.
11 भाषाओं में देगा जानकारी
कोरोना ट्रैकर ऐप आरोग्य सेतु फिलहाल 11 भाषाओं में काम करेगा, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं. यह ब्लूटूथ और लोकेशन एक्सेस कर काम करता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले यूजर को मोबाइल नंबर से ऐप में रजिस्टर्ड होना होगा. इसके बाद ऐप यूजर से कुछ निजी जानकारियां मांगेगा जो कि ऑप्शनल है.
सटीक और सही जानकारी
इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है. इस ऐप के जरिये कोरोना वायरस या कोविड-19 को लेकर यूजर तक न सिर्फ सटीक और सही जानकारियां पहुंचायी जाएंगी बल्कि उन्हें किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी रोका जा सकेगा.
डेटा एन्क्रिप्शन
ऐप में यूजर्स के लिए गोपनीयता को प्राथमिकता दी गयी है. ऐप द्वारा एकत्र किये गए व्यक्तिगत डेटा को ‘एन्क्रिप्ट’ किया गया है और यह तब तक फोन में सुरक्षित रहेगा, जब तक कि चिकित्सा हस्तक्षेप की सुविधा के लिए इसकी जरूरत न हो.
यूजर को मिलेगा नोटिफिकेशन
यह ऐप डिवाइस से यूजर के डेटा को एनक्रिप्टेड फॉर्म में लेता है. इसके बाद यह यूजर के डेटा को सर्वर पर भेजता है. इससे यूजर को पता चल पाएगा कि वह किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया था या नहीं. यह ऐप 6 फीट के दायरे में आने पर यूजर को नोटिफिकेशन भी भेजता है.
कोविड-19 से बचने के टिप्स
आरोग्य सेतु एप यूजर के स्मार्टफोन की लोकेशन को ट्रैक करता है. साथ ही यह ऐप ब्लूटूथ के जरिये यह पता लगाता है कि यूजर संक्रमित मरीजों के संपर्क में है या नहीं. और यह भी कि दोनों में कितनी दूरी है. इसके अलावा यह ऐप अपने यूजर को कोविड-19 से बचने के टिप्स देता है. आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप यूजर्स को इस वायरस से संबंधित सभी सवालों के जवाब देता है. साथ ही, यह भी तय करता है कि यूजर्स में इस वायरस के लक्षण हैं या नहीं.
थर्ड पार्टी तक नहीं पहुंचेगा डेटा
इतना सब कुछ करने के बाद भी आरोग्य सेतु ऐप आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखता है. अगर आपका कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आता है या आप संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो आपके डेटा को सरकार के साथ साझा करता है. यह आपके डेटा को किसी थर्ड पार्टी तक पहुंचने नहीं देगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










