Coromandel Train Accident Reason: मेन लाइन की जगह लूप लाइन पर थी कोरोमंडल एक्सप्रेस? क्या है दोनों में अंतर?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 03 Jun 2023 6:30 PM
Balasore: The Coromandel Express after it derailed following a head-on collision with a goods train in which at least 350 passengers were injured and 50 others were feared dead, in Balasore district, Friday evening, June 2, 2023. (PTI Photo) (PTI06_02_2023_000288B)
Coromandel Express Accident Reason - रेलवे के सिग्नलिंग कंट्रोल रूम से आ रही प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे की वजह मानवीय भूल भी हो सकती है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ट्रेन ने गलत पटरी बदली थी.
Coromandel Express Accident Reason: उड़ीसा के बालासोर जिले में कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना की मुख्य वजह सिग्नल की गड़बड़ी बतायी जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे के कुछ सुपरवाइजर्स ने दुर्घटना स्थल का दौरा करने के बाद जो शुरुआती रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक शुक्रवार की शाम 7 बजे कोरोमंडल एक्सप्रेस 127 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी. ओडिशा के बालासोर जिले के एक स्टेशन के पास उसकी टक्कर मालगाड़ी से हो गई.
रेलवे के सिग्नलिंग कंट्रोल रूम से आ रही प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे की वजह मानवीय भूल भी हो सकती है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ट्रेन ने गलत पटरी बदली थी. हालांकि हादसे की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आयेगी. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में एक वीडियो की चर्चा हो रही है, जो खड़गपुर रेलवे डिविजन के सिग्नलिंग कंट्रोल रूम का है. इसमें दिख रहा है कि चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस लूप लाइन ले रही है, जिसपर मालगाड़ी खड़ी है. यह वाकया शुक्रवार शाम 6 बजकर 55 मिनट का है. कोरोमंडल एक्सप्रेस बहनागा बाजार स्टेशन से निकलती है और लूप लाइन पर चली जाती है, जबकि उसे मेन लाइन पर जाना था.
Also Read: Coromandel Express Accident: खून से सनी पटरी, मची चीख-पुकार
रेलवे की मुख्यत: दो लाइनें होती हैं. एक आने की और एक जाने की. इन्हें मेन लाइन कहते हैं. रेलवे प्लैटफाॅर्म पर इन मेन लाइनों में से जरूरत के मुताबिक, दो या चार अतिरिक्त लाइनें निकाली जाती हैं, जो ट्रेन को प्लैटफाॅर्म पर पहुंचाती हैं या साइड में माल गाड़ी को खड़ी करने के काम आती हैं. इन्हें लूप लाइन कहते हैं. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की एकमात्र वजह डीरेलमेंट है. वहां पर दो मेन लाइन और दो लूप लाइन थी. मेन लाइन से कोरोमंडल एक्सप्रेस आ रही थी, वह डीरेल हुई उसका एक हिस्सा लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकराया और दूसरा हिस्सा दूसरी तरफ आ रही पैसेंजर ट्रेन से टकराया.
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, कोरोमंडल एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकराने के बाद मेन लाइन पर डिरेल हो गई. उसके डिब्बे मेन लाइन पर पलट गए. कुछ ही मिनट बाद हावड़ा जाने वाली यशवंत नगर एक्सप्रेस दूसरी दिशा से आकर डीरेल हुई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गई. अधिकारी ने बताया कि यह हादसा कैसे हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा. लेकिन प्रारंभिक जांच में यह मानवीय भूल लग रही है. आपको बता दें कि ऐसा ही एक एक्सीडेंट 1995 में उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद में हुआ था, जहां 3 ट्रेनें आपस में टकराई थीं. इस हादसे में 350 से ज्यादा यात्री मारे गए थे. ट्रैक पर 3 दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था.
बालासोर जिला प्रशासन ने ट्रेन हादसे में फंसे या पीड़ितों की मदद के लिए एमरजेंसी कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है. यह है- 06782 262286. इसके साथ ही, हावड़ा के लिए हेल्पलाइन नंबर 26382217, खड़गपुर के लिए 8972073925, 9332392339, बालेश्वर के लिए 8249591559, 7978418322 जारी किये गए हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मरने वालों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. वहीं, गंभीर रूप से घायल हुए यात्रियों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिये जाएंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










