नयी EV खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है पछताना

चार्ज होता EV / एआई इमेज
EV Buying Guide: इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब भारत में तेजी से पॉपुलर हो रही हैं, लेकिन खरीदने से पहले डेली यूज, रेंज और चार्जिंग जैसी बातों को समझना जरूरी है. सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला आपको लंबे समय में खर्च बचाने और बेहतर एक्सपीरियंस देने में मदद करेगा.
EV Buying Guide: भारत में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है और अब यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक स्मार्ट ऑप्शन बनता जा रहा है. महंगे होते पेट्रोल-डीजल के बीच लोग EV की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं. लेकिन EV खरीदना उतना आसान फैसला नहीं है, जितना लगता है. इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी है, वरना बाद में परेशानी हो सकती है. आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
डेली यूज के हिसाब से चुनें EV
EV खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है, कि आप रोज कितनी दूरी तय करते हैं. अगर आप रोज 50–70 किमी के आसपास ट्रैवल करते हैं, तो ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें इसे आसानी से कवर कर लेंगी. लेकिन अगर आप अक्सर हाईवे पर लंबी दूरी तय करते हैं, तो आपको पहले से चार्जिंग स्टेशन्स के बारे में पता कर के रखना होगा. क्योंकि, आपको लंबी यात्रा के दौरान फास्ट चार्जिंग के लिए 30–45 मिनट तक रुकना पड़ सकता है.
रेंज पर जरूर दें ध्यान
किसी भी EV की रेंज बहुत जरूरी होती है. कंपनी जो रेंज (ARAI) बताती है, वह असल में थोड़ा कम हो सकती है, क्योंकि ट्रैफिक, ड्राइविंग स्टाइल और AC इस्तेमाल से फर्क पड़ता है. आज के समय में 350–450 किमी की रेंज को बेहतर माना जाता है. इसके अलावा ज्यादा गर्मी या ठंड का असर भी बैटरी की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है.
चार्जिंग सुविधा सबसे जरूरी
EV खरीदने से पहले चार्जिंग की सुविधा जरूर देखें. ज्यादातर लोग रात में कार चार्ज करके सुबह फुल बैटरी के साथ निकलते हैं. ऐसे में घर पर चार्जिंग सबसे आसान और सस्ता ऑप्शन है. लेकिन अगर आप अपार्टमेंट में रहते हैं, तो यह जरूर चेक कर लें कि वहां चार्जर लगाने की परमिशन है या नहीं. कई बार यही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है.
रनिंग कॉस्ट में मिलती है बचत
EV की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम रनिंग कॉस्ट है. घर पर चार्ज करने से 6 से 10 रुपये प्रति यूनिट, तो वहीं पब्लिक फास्ट चार्जिंग से गाड़ी चार्ज करने पर 12 से 25 रुपये प्रति यूनिट. यानी पब्लिक चार्जिंग महंगी पड़ती है, लेकिन फिर भी EV चलाने का खर्च लगभग 0.5 से 1.5 रुपये प्रति किमी होता है, जबकि पेट्रोल कार में यह 6–8 रुपये प्रति किमी तक जाता है.
कीमत और लंबी अवधि का फायदा
इलेक्ट्रिक कारें अभी भी पेट्रोल-डीजल कारों से 20–35% तक महंगी होती हैं. लेकिन कम फ्यूल खर्च और कम मेंटेनेंस की वजह से समय के साथ गाड़ी की कॉस्ट वसूल हो जाती है. अगर आप साल में 12,000–15,000 किमी या उससे ज्यादा ड्राइव करते हैं, तो EV आपके लिए लंबे समय तक के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
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लेखक के बारे में
By Shivani Shah
डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.
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