कार के चारों टायर में हवा बराबर होनी चाहिए या अलग-अलग? एक छोटी गलती बन सकती है बड़ा खतरा

कार टायर प्रेशर
टायर प्रेशर सही रखना कार की सेफ्टी और परफॉर्मेंस के लिए बेहद जरूरी है. आमतौर पर एक ही एक्सल के दोनों टायरों में हवा बराबर होनी चाहिए, जबकि आगे-पीछे प्रेशर अलग हो सकता है. गलत बैलेंस से गाड़ी खिंचती है, माइलेज घटता है, टायर जल्दी घिसते हैं और हादसे का खतरा भी बढ़ता है.
अक्सर हम तब तक टायर प्रेशर पर ध्यान नहीं देते, जब तक कोई दिक्कत सामने नहीं आ जाती. लेकिन सच ये है कि टायर में सही हवा रखना आपकी ड्राइव को स्मूद, सेफ और किफायती बना सकता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि चारों टायर में बिल्कुल एक जैसा प्रेशर होना चाहिए, लेकिन सच थोड़ा अलग है. कई गाड़ियों में आगे और पीछे के टायर का प्रेशर अलग रखा जाता है, क्योंकि वजन और डिजाइन ऐसा ही मांगते हैं.
लेकिन एक चीज हमेशा ध्यान रखें कि एक ही एक्सल (यानि आगे के दोनों या पीछे के दोनों टायर) में लेफ्ट और राइट का प्रेशर बराबर होना चाहिए. वरना गाड़ी एक तरफ खिंचने लगती है, जो ड्राइविंग को खतरनाक बना सकता है.
सेफ्टी के लिए यह क्यों जरूरी है?
सेफ्टी के मामले में टायर प्रेशर कोई छोटी चीज नहीं है. ये आपकी ड्राइव पर सीधा असर डालते हैं. अगर एक भी टायर का प्रेशर कम हो, तो गाड़ी का बैलेंस बिगड़ सकता है, खासकर ब्रेक लगाते वक्त या मोड़ पर. इमरजेंसी में कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है. ऊपर से कम प्रेशर टायर के अंदर ज्यादा गर्मी पैदा करता है. इससे तेज रफ्तार में टायर फटने का खतरा भी बढ़ जाता है.
बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी और कम खर्च
अगर आपके टायर में हवा कम है, तो गाड़ी चलाना सिर्फ भारी ही नहीं पड़ता, जेब पर भी असर डालता है. कम प्रेशर की वजह से टायर सड़क पर ज्यादा रगड़ खाते हैं. इससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. नतीजा यह होता है कि माइलेज घटता है और पेट्रोल-डीजल का खर्च धीरे-धीरे बढ़ने लगता है.
टायर की लाइफ बढ़ती है
सही प्रेशर बनाए रखने से गाड़ी के टायर लंबे समय तक चलते हैं. कम प्रेशर होने पर टायर के किनारे जल्दी घिसते हैं, जबकि ज्यादा प्रेशर बीच वाले हिस्से को नुकसान पहुंचाता है.
राइड और सस्पेंशन पर पड़ता है असर
अगर आपकी कार के टायरों में हवा बराबर नहीं है, तो इसका असर सिर्फ माइलेज पर नहीं, बल्कि आपकी गाड़ी की राइड और सस्पेंशन पर भी पड़ता है. गलत प्रेशर होने पर शॉक्स और बुशिंग्स पर ज्यादा लोड आता है. इससे गाड़ी उबड़-खाबड़ रास्तों पर अस्थिर और कम्फर्ट में कमी महसूस होती है.
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लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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