गाड़ी की डिक्की में ये 5 चीजें नहीं हैं? तो हाईवे पर निकलना है ‘सुसाइड मिशन’!

कार की डिक्की में ये जरूरी सामान (Essential Items) रखकर आप न सिर्फ भारी चालान से बच सकते हैं, बल्कि इमरजेंसी में अपनी जान भी बचा सकते हैं. पूरी लिस्ट यहां देखें
मैं पिछले 18 सालों से गाड़ियां चला रहा हूं, लेकिन पिछले महीने की उस काली रात ने मेरी सोच बदल दी. हाईवे के बीचों-बीच टायर फटा, मोबाइल की बैटरी डेड थी और डिक्की में ‘जैक’ तो था पर उसे चलाने वाला पाना (Spanner) गायब! उस 3 घंटे के खौफनाक इंतजार ने मुझे सिखाया कि आपकी डिक्की सिर्फ सामान रखने का डिब्बा नहीं, बल्कि आपकी ‘लाइफलाइन’ है.
ज्यादातर भारतीय ड्राइवर डिक्की को कबाड़खाना समझते हैं, लेकिन सच तो यह है कि सड़क पर आपकी जान और आपका पैसा, दोनों इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपकी कार के पीछे वाले हिस्से में क्या रखा है.
1. कागजों का मायाजाल: डिजिटल के भरोसे न रहें
आजकल जमाना mParivahan का है, मैं मानता हूं. लेकिन सोचिए, अगर आप किसी ऐसे इलाके में हैं जहां नेटवर्क ‘जीरो’ है और पुलिस ने रोक लिया?
- RC और इंश्योरेंस: इनकी एक-एक फिजिकल कॉपी डिक्की के एक वाटरप्रूफ फोल्डर में जरूर रखें.
- PUC सर्टिफिकेट: सबसे ज्यादा चालान इसी छोटे से कागज की वजह से कटते हैं.
प्रो टिप: अपने इंश्योरेंस की कॉपी के पीछे ‘रोड साइड असिस्टेंस'(RSA) का नंबर बड़े अक्षरों में लिख लें.
2. ‘मैकेनिकल वाॅरियर्स’: जो मैकेनिक की कमी पूरी करेंगे
रास्ते में गाड़ी खराब होना तनावपूर्ण है, लेकिन अगर आपके पास सही औजार हैं, तो आप खुद ‘सुपरहीरो’ बन सकते हैं.
| जरूरी सामान | क्यों है जरूरी? |
| स्टेपनी (Spare Tire) | हवा चेक की हुई होनी चाहिए, वरना बेकार है |
| जैक और व्हील स्पैनर | टायर बदलने के प्राथमिक हथियार |
| Warning Triangle | रात में पीछे से आने वाली गाड़ियों को आपकी लोकेशन बताने के लिए |
| पोर्टेबल एयर पंप | आजकल ₹1500 में मिल जाता है, जो आपको पंचर की दुकान तक पहुचा देगा. |
3. फर्स्ट एड किट: सिर्फ दिखावा नहीं, जरूरत है
ज्यादातर लोग कार के साथ मिली मेडिकल किट को कभी खोलते भी नहीं. याद रखिए, एक्सीडेंट के पहले 10 मिनट ‘गोल्डन ऑवर’ होते हैं.
चेतावनी: अपनी किट चेक करें! अगर उसमें रखी दवाइयां या ऑइंटमेंट एक्सपायर हो चुके हैं, तो वे मदद के बजाय नुकसान करेंगे. इसमें कुछ पेनकिलर्स, ओआरएस (ORS) के पैकेट और बैंड-एड जरूर बढ़ा लें.
4. सर्वाइवल गियर: छोटी चीजें, बड़ा प्रभाव
अक्सर हम बड़ी चीजों के चक्कर में बेसिक चीजें भूल जाते हैं. मैं अपनी डिक्की में ये तीन चीजें हमेशा रखता हूं:
- एक मजबूत टॉर्च: फोन की फ्लैशलाइट टायर बदलते समय काम नहीं आती
- माइक्रोफाइबर कपड़ा और पानी: अचानक वाइपर खराब हो जाए या कांच गंदा हो, तो यह ‘लाइफ सेवर’ है.
- छाता: यकीन मानिए, भारी बारिश में टायर बदलना बिना छाते के नामुमकिन है.
5. डिक्की को ‘बम’ न बनाएं: ये गलतियां भारी पड़ेंगी
जितना जरूरी यह जानना है कि क्या रखें, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है यह जानना कि क्या न रखें:
- पेट्रोल/डीजल की बोतल: गर्मी में यह आग का गोला बन सकती है
- अत्यधिक वजन: डिक्की को ठूंस-ठूंस कर भरने से आपकी गाड़ी का माइलेज और बैलेंस दोनों बिगड़ जाते हैं.
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By राजीव कुमार
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