New Technology : ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस ने लकवाग्रस्त लोगों को 'आवाज' देने की जगाई उम्मीद, जानें क्या है तकनीक
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 Aug 2023 6:07 AM
brain machine interface - वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है जो लकवाग्रस्त लोगों के मस्तिष्क के संकेतों को पहले की तुलना में तेज गति से शब्दों में बदल सकता है. 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित हालिया अध्ययन से ऐसा पता चला है.
Brain Computer Interface : वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है जो लकवाग्रस्त लोगों के मस्तिष्क के संकेतों को पहले की तुलना में तेज गति से शब्दों में बदल सकता है. यह गंभीर रूप से लकवाग्रस्त लोगों के बीच संचार बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
‘ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस’ का कमाल
शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस’ (बीसीआई) मस्तिष्क की गतिविधि को तेजी से और अधिक सटीक रूप से शब्दों में बदलने तथा मौजूदा तकनीकों की तुलना में व्यापक शब्दावली को शामिल करने में सक्षम है.
Also Read: EUREKA: 5 मिनट की सर्जरी दिलायेगी शराब की लत से छुटकारा, चीन में चल रहा अनोखी चिप का क्लिनिकल ट्रायल
जिन्हें बोलने में होती है दिक्कत
मस्तिष्क आघात या ‘एमियोट्रॉफिक लैटरल स्क्लेरोसिस’ सहित मस्तिष्क विकारों वाले लोगों को अक्सर मांसपेशियों के पक्षाघात के कारण बोलने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
मस्तिष्क गतिविधियों को शब्दों में बदलना संभव
पिछले अध्ययनों से पता चलता है कि लकवा पीड़ित व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधियों को शब्दों में बदलना संभव है, लेकिन केवल लिखित रूप में और सीमित गति, सटीकता और शब्दावली के साथ ऐसा किया जा सकता है.
Also Read: ChatGPT की मदद से हर मिनट नयी कविता लिख रही यह डिवाइस, है न कमाल!
कैसे काम करती है तकनीक?
‘नेचर’ पत्रिका में प्रकाशित हालिया अध्ययन से पता चला है कि ‘बीसीआई’ जो मस्तिष्क में डाले गए बारीक इलेक्ट्रोड की एक श्रृंखला के जरिये एकल कोशिकाओं की तंत्रिका गतिविधि को एकत्र करता है, और इसे स्वरों में बदलने के लिए एक कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क को प्रशिक्षित करता है.
संवाद करने में सक्षम
इस उपकरण की मदद से, ‘एमियोट्रॉफिक लैटरल स्क्लेरोसिस’ से पीड़ित एक मरीज औसतन 62 शब्द प्रति मिनट की दर से संवाद करने में सक्षम हुआ, जो इसी तरह के उपकरण के पिछले रिकॉर्ड से 3.4 गुना तेज है. बीसीआई ने 50 शब्दों की शब्दावली पर 9.1 प्रतिशत शब्द त्रुटि दर हासिल की, जो 2021 से पिछले अत्याधुनिक बीसीआई की तुलना में 2.7 गुना कम त्रुटियां हैं. (इनपुट भाषा से साभार)
Also Read: VIRAL: कंप्यूटर में अपलोड होगी चेतना, मौत के बाद भी लौट सकेगा इंसान!
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










