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Hero MotoCorp के चेयरमेन पवन मुंजाल को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज किया समन

Updated at : 25 Jul 2024 9:16 AM (IST)
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Big relief to Hero MotoCorp chairman Pawan Munjal Delhi High Court dismisses summons

Hero MotoCorp के चेयरमैन Pawan Munjal को Dehli High Court ने बड़ी राहत दी है. विदेशी मुद्रा मामले में उनको जारी समन को खारिज कर दिया गया है. ये मामला 2022 का है.

Hero MotoCorp के चेयरमैन Pawan Munjal को Dehli High Court ने बड़ी राहत दी है. विदेशी मुद्रा मामले में उनको जारी समन को खारिज कर दिया गया है. ये मामला 2022 का है.

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Delhi High Court ने Hero MotoCorp के चेयरमैन पवन मुंजाल को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा दायर विदेशी मुद्रा मामले में हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन पवन कांत मुंजाल को तलब करने के निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार ओहरी ने पवन मुंजाल के खिलाफ जुलाई 2023 में जारी समन को अनुचित पाते हुए खारिज कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

पवन मुंजाल और अन्य पर अवैध विदेशी मुद्रा निर्यात का आरोप है. यह मामला 2022 की डीआरआई शिकायत से उपजा है, जिसमें साल्ट एक्सपीरियंस एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एसईएमपीएल) नामक कंपनी भी शामिल है. डीआरआई की चार्जशीट के आधार पर ED नेभी इस माले की जांच शरू कर दी थी.

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मुंजाल की कानूनी टीम ने तर्क दिया कि निचली अदालत के आदेश में तर्क की कमी थी और उसने पिछले सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) के फैसले को नजरअंदाज कर दिया, जिसने उन्हें उसी मामले में दोषमुक्त कर दिया था. जबकि डीआरआई ने जवाब दिया कि उन्हें सीईएसटीएटी के फैसले की जानकारी नहीं थी, उच्च न्यायालय ने मुंजाल की दलील को सही पाया.

54 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा का निर्यात

ED का आरोप है कि एसईएमपीएल ने 2014 से 2019 के बीच अवैध रूप से लगभग 54 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा निर्यात की, जिसका कथित तौर पर मुंजाल के निजी खर्चों के लिए इस्तेमाल किया गया. कंपनी पर कर्मचारियों को Permissible limits से अधिक विदेशी मुद्रा जारी करने और विदेश यात्रा न करने वालों के लिए विदेशी मुद्रा खरीदने का भी आरोप है.

हाई कोर्ट का फैसला पारदर्शी कानूनी प्रक्रियाओं के महत्व और अदालत के समक्ष सभी प्रासंगिक जानकारी प्रस्तुत करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है. मामला लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसमें कई एजेंसियां ​​शामिल हैं और जटिल कानूनी दलीलें पेश की जा रही हैं.

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Abhishek Anand

लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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