गाड़ी कम चलती है, फिर भी पेट्रोल जल्दी खत्म हो रहा है? ये छोटी गलती हो सकती है जिम्मेदार
Published by : Ankit Anand Updated At : 16 Apr 2026 12:55 PM
टायर प्रेशर चेक करता एक आदमी (Photo: AI Generated)
पेट्रोल जल्दी खत्म होने की वजह हमेशा इंजन ही नहीं होता, बल्कि कई बार टायर प्रेशर की छोटी गलती भी जिम्मेदार होती है. कम हवा वाले टायर घर्षण बढ़ाकर इंजन पर ज्यादा लोड डालते हैं. इससे माइलेज घट जाता है और फ्यूल ज्यादा खर्च होता है. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.
Tyre Pressure: आजकल जब पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तो हर ड्राइवर यही चाहता है कि गाड़ी ज्यादा माइलेज दे. लोग आमतौर पर इंजन या ड्राइविंग स्टाइल पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक छोटी-सी चीज अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. हम बात कर रहे हैं टायर प्रेशर की. कॉन्टिनेंटल टायर के मुताबिक, अगर टायर सही तरीके से फुलाए रखें, तो बिना एक रुपया खर्च किए ही माइलेज करीब 3% तक बढ़ सकता है.
टायर का प्रेशर माइलेज पर कैसे असर डालता है?
आपकी गाड़ी के टायर ही वो एकमात्र पार्ट होते हैं जो सीधे रोड से कनेक्ट होते हैं. जब टायर में हवा कम हो जाती है, तो वो ज्यादा फैल जाते हैं और रोड से ज्यादा चिपकने लगते हैं. इससे घर्षण (Friction) बढ़ जाता है, जिसे रोलिंग रेजिस्टेंस कहते हैं. अब गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और सीधा असर पड़ता है आपके फ्यूल पर.
चौंकाने वाली बात ये है कि थोड़ा सा प्रेशर कम होना भी मायने रखता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर 1 PSI कम होने पर माइलेज करीब 0.2% से 0.4% तक गिर सकता है. कई बार लोग बिना जाने ही 5-10 PSI कम प्रेशर में गाड़ी चलाते रहते हैं, जिससे माइलेज में करीब 3% तक की कमी आ सकती है.
सही टायर प्रेशर माइलेज को कैसे बेहतर बनाता है?
जब आपके टायर सही तरीके से भरे होते हैं, तो गाड़ी रोड पर स्मूद चलती है और इंजन को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. इसका सीधा मतलब है कि कम मेहनत और फ्यूल खर्च में आपको बेहतर माइलेज मिलेगा.
लेकिन अगर टायर कम हवा वाले हों, तो मामला उल्टा हो जाता है. गाड़ी भारी लगती है, ड्रैग बढ़ता है और हर बार एक्सीलेरेशन में इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है. नतीजा यह होता है कि फ्यूल ज्यादा जलता है और माइलेज गिर जाता है.
शहर बनाम हाईवे ड्राइविंग का असर
शहर में गाड़ी चलाते समय बार-बार ब्रेक और एक्सीलरेशन करना पड़ता है. ऐसे में अगर टायर का प्रेशर कम हो तो इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और पेट्रोल जल्दी खत्म होता है. वहीं हाईवे पर असर थोड़ा कम दिखता है, लेकिन सही टायर प्रेशर रखने से गाड़ी स्मूद चलती है और लंबी दूरी में भी बेहतर माइलेज मिलता है.
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