आपकी ऑटोमैटिक कार में ये छोटा सा बटन आखिर इतना जरूरी क्यों है? जानें इसके फायदे

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Shift Lock Release Button

शिफ्ट लॉक रिलीज बटन (Photo: Remaja)

ऑटोमैटिक कार में छोटा सा Shift Lock Release बटन मुश्किल समय में बड़े काम में आता है. बैटरी डाउन हो या गाड़ी फंस जाए, यही फीचर कार को आसानी से न्यूट्रल में लाने में मदद करता है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

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बहुत से नए ड्राइवर्स के लिए ऑटोमैटिक कार चलाना काफी आसान लगता है. बस गाड़ी स्टार्ट करो, Drive (D) लगाओ और निकल पड़ो. लेकिन इसी आसान प्रोसेस के बीच कुछ छोटी-छोटी बातें अक्सर ध्यान से छूट जाती हैं. इन्हीं में से एक है सही तरीके से गियर को Neutral (N) में डालना. चाहे आपको कार बंद करनी हो, डबल पार्किंग की स्थिति हो, या फिर बैटरी डाउन होने जैसी इमरजेंसी हो, Neutral का सही इस्तेमाल आपको बड़ी परेशानी से बचा सकता है.

अपनी कार को न्यूट्रल में छोड़ने का सही तरीका क्या है?

अगर आप चाहते हैं कि गाड़ी बंद करने के बाद वो Neutral (N) में ही रहे, तो आपको एक सही सीक्वेंस फॉलो करना होगा. ये मुश्किल नहीं है, बस सही तरीके से करना जरूरी है. सबसे पहले गाड़ी को पूरी तरह रोक दें और ब्रेक पैडल पर पैर मजबूती से रखें. जब गाड़ी पूरी तरह स्थिर हो जाए, तो गियर को धीरे से ‘N’ यानी Neutral में डाल दें. इससे इंजन और पहियों का कनेक्शन हट जाता है.

अब सबसे जरूरी स्टेप आता है. पार्किंग ब्रेक (हैंडब्रेक) जरूर लगाएं. इसे अच्छे से खींचें ताकि गाड़ी किसी भी हालत में हिले नहीं. इसके बाद ही इंजन को बंद करें. ध्यान रखने वाली बात ये है कि आजकल की कई नई कारों, खासकर ऑटोमैटिक और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में, इंजन बंद करते ही सिस्टम खुद ही गियर को Park (P) में डाल देता है. इसलिए अपनी कार का बिहेवियर जरूर समझ लें और उसी हिसाब से प्रोसेस अपनाएं.

गियर शिफ्टर के पास लगा छोटा बटन क्या है?

अब बात करते हैं एक छोटे लेकिन बेहद काम के फीचर की, जिसे ज्यादातर ड्राइवर देखते तो हैं लेकिन कभी इस्तेमाल नहीं करते. हम बात कर रहे हैं गियर शिफ्टर के पास लगा छोटा सा छुपा हुआ बटन की. इसे Shift Lock Release कहा जाता है. ये मुश्किल समय में सच में बहुत काम आता है.

सोचिए अगर आपकी कार की बैटरी अचानक खत्म हो जाए या कोई इलेक्ट्रिकल दिक्कत आ जाए, तो आमतौर पर आप गियर लीवर को Park (P) से नहीं हिला सकते, जब तक इंजन ऑन न हो और ब्रेक दबा न हो. ऐसे में यही छोटा बटन आपकी मदद करता है.

ये बटन अक्सर गियर लीवर के पास एक छोटे से प्लास्टिक कवर के नीचे छुपा होता है. ये कभी छोटा सा चौकोर स्लॉट तो कभी गोल सा होता है. आप अपनी कार की चाबी या किसी छोटे टूल से इसका कवर आराम से खोल सकते हैं. जैसे ही कवर हटेगा, अंदर एक छोटा बटन मिलेगा. उसे दबाकर होल्ड करें और साथ ही गियर को ‘P’ से ‘N’ में शिफ्ट कर दें. इसके बाद बटन छोड़ सकते हैं. असल में, ये फीचर इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम को बायपास करके गाड़ी को बिना पावर के भी न्यूट्रल में डालने में मदद करता है.

क्यों यह फीचर जरूरी है?

ये फीचर कई सिचुएशंस में बहुत काम आता है. जैसे जब कार को टो करना हो, धक्का देकर ले जाना हो, या फिर ऑटोमैटिक वॉश में जहां गाड़ी को बिना इंजन के आसानी से रोल करना होता है. लेकिन एक बात हमेशा याद रखें कि सेफ्टी सबसे पहले है. Neutral में डालने के बाद और पहले, हमेशा हैंडब्रेक लगाना जरूरी है, खासकर अगर गाड़ी ढलान पर हो. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर कार सिर्फ Neutral में है और हैंडब्रेक नहीं लगा, तो वो आसानी से लुढ़क सकती है.

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Ankit Anand

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By Ankit Anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

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बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

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अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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