आरा हत्याकांड : रिटायर्ड प्रोफेसर दंपति की परिचित ने ही की हत्या, पटना से पकड़ा गया एक संदिग्ध

एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि एफएसएल टीम के अलावा फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया था. टीम का कहना है कि ब्लड को देखने के बाद लगता है कि घटना 10-15 घंटे पहले की है.
भाजपा नेता व रिटायर्ड प्रोफेसर महेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी प्रोफेसर पुष्पा सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. लेकिन अब तक पूरी तरह मामले का खुलासा नहीं हो सका. नवादा थाना क्षेत्र के कतीरा के वीर कुंवर सिंह मुहल्ला स्थित प्रोफेसर दंपति के घर पर मंगलवार की सुबह एक बेटी के पहुंचने के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. मामले में एसपी प्रमोद कुमार ने भी अहम सुराग मिलने का दावा किया है. मामला घरेलू काम करने वाले लोगों से भी जुड़े होने की बात कही जा रही है.
सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी को भी पुलिस महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है. हत्याकांड की जांच करने के लिए पटना से फोरेंसिक की टीम, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिट एक्सपर्ट की टीम वहां पहुंची हुई थी. जिनके द्वारा गहराई से जांच की गयी. भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार के द्वारा स्पेशल टीम गठित की गई थी. इसके बाद टीम द्वारा पटना के एक व्यक्ति को पकड़ा गया है, जो इस हत्याकांड का अहम कड़ी हो सकता है. पुलिस की टीम लगातार उससे पूछताछ कर रही है.
घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी पहुंची इसके बाद खून के धब्बे दरवाजे पैर के निशान, खाने की थाली घर के अन्य सामानों के निशान का नमूना लिया ताकि हत्या की कडी का खुलासा हो सके. एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि एफएसएल टीम के अलावे फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया था. टीम में अंशु कुमार झा और निरज कुमार थे. उनका कहना है कि ब्लड को देखने के बाद लगता है कि घटना 10-15 घंटे पहले की है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक बैग का कुछ भाग मिला है. जिससे स्पष्ट होता है कि घटना को अंजाम देने वाले के साथ खिचतान भी हुई है. प्रथम दृष्टया हत्या व लूट का मामला प्रतीत हो रहा है. एफएसएल एक्सपर्ट ने कहा कि रिपोर्ट आने में 10-15 दिन का समय लगता है. इसके बाद ही मामला का खुलासा हो पायेगा. वहीं डॉग स्कायर्ड की टीम द्वारा जांच की गयी जांच के क्रम में डॉग दो बार मकान के पीछे बंद गली में दौड़- दौड़ कर गया. पूरी टीम उनके साथ पीछे – पीछे दौड़ रही थी.
प्रोफेसर महेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी पुष्पा सिंह की हत्या कब हुई इसको लेकर संशय बना हुआ है. पुलिस को जानकारी रात को करीब 9:30 बजे के आसपास हुई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक्सपोर्ट यह मानते हैं कि करीब 1:30 बजे से लेकर 2:30 के बीच हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है. दोपहर करीब 5 बजे के बाद महेंद्र सिंह की पुणे रहने वाली बेटी ने उनके मोबाइल पर फोन किया तो फोन स्विच ऑफ आने लगा. इसके बाद उनकी मां का भी फोन स्विच ऑफ मिला. तब उन्होंने वहां रहने वाले पड़ोसी रिश्तेदारों के पास फोन किया. पड़ोसी जब वहां पहुंचे तो अंदर एक तल्ला पर मेन गेट खुला हुआ था. जबकि अंदर का दरवाजा भी सिर्फ सटाया हुआ था. अंदर जब जाकर पड़ोसियों ने देखा तो पहले कमरे में महेंद्र सिंह गिरे हुए थे और जमीन पर गिरा खून जम चुका था. जबकि दूसरे कमरे में उनकी पत्नी पुष्पा सिंह खून से लथपथ गिरी हुई थी.
इस संबंध में भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि दोहरा हत्याकांड एक चुनौती है इसका जल्दी उद्भेदन कर लिया जाएगा. करीब 9:30 बजे के आसपास सूचना मिली की प्रोफेसर दंपत्ति की हत्या कर दी गई है. मैं खुद अपने अधिकारियों के साथ वहां पहुंचा और एक एक चीज की जानकारी ली. एक टीम एएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में गठित की गई है जिसमें टाउन,नवादा एवं डीआईयू टीम को लगाया गया है.
प्रोफेसर दंपति की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की टीम हर संभव प्रयास कर रही है. महेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी की हत्या के पीछे घरेलू काम करने वाले नौकरों पर प्रथम दृष्टया शक जताया जा रहा है पुलिस को इस मामले में काफी आम सुराग भी मिले हैं. एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामले की छानबीन में कुछ सुराग मिले हैं. जिनके आधार पर दूसरे जिले में छापेमारी चल रही है.
सीसीटीवी फुटेज को जब पुलिस के वरीय अधिकारियों ने जांच शुरू की तो घर के सीसीटीवी फुटेज से एक संदिग्ध व्यक्ति घर से निकलता हुआ दिखाई दिया. जो 9.30 बजे घर में घुसा और लगभग शाम तीन बजे घर से बाहर निकला. इस दौरान कई बार नीचे हाता से उपर नीचे करता हुआ, सीसीटीवी फुटेज में दिखा है. सबसे अहम बात यह है कि वह खाली हाथ जाते हुए फुटेज में आया है और लौटते वक्त बैग उसके साथ था, जो कांड में शामिल हो सकता है. पुलिस की एक टीम अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज निकाल रही है और मामले के उदभेदन में जुट गयी है.
भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर पटना से डॉग स्क्वायड टीम मंगलवार की दोपहर आरा पहुंची. घटनास्थल पर गिरे खून के धब्बे एवं अन्य पड़े सामानों का बारीकी से डॉग के जरिए अधिकारियों ने मुआयना किया. इसके बाद करीब 1 घंटे तक वरीय अधिकारियों से अकेले में बातचीत की. तीन सदस्यीय टीम में शामिल अधिकारी एवं कर्मी इसके बाद पटना की ओर रवाना हो गए.
घटना कब की है या तो स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन कमरे में टेबल पर खाना रखा हुआ था एवं बेड पर मछरदानी लगाया गया था. प्रोफेसर महेंद्र सिंह एक कमरे में गिरे हुए थे. जबकि अंदर वाले कमरे में उनकी पत्नी का शव पड़ा था. खून जमा हुआ प्रतीत हो रहा था=ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कई घंटे पहले इस घटना को अंजाम दिया गया है. बताया जा रहा है कि दरवाजे पर भी खून के धब्बे के निशान थे .लग रहा था कि हत्यारे से उनका हाथापाई हुआ होगा.
घटना की सूचना मिलते ही मृतक दंपत्ति के एक बेटी हर्षिता उर्फ गोलू अपने पति के साथ पहुंची. पहुंचते ही रो- रो कर बुरा हाल है. बता दे कि पहले वह एयर होस्टेज भी रह चुकी है. इनके पति विजय कुमार चौहान प्रतिष्ठित उद्योग पति है. जिनका देश – विदेश में व्यवसाय फैला हुआ है. वहीं बड़ी बेटी स्वीटी इंजीनियरिंग की पढाई कर चुकी है. उनके पति कर्नल डॉ आलोक है, जबकि छोटी बेटी डॉ सोनम पहले आइजीएमएस में डॉक्टर थी. बड़ी बेटी स्वीटी और छोटी बेटी सोनल देर शाम तक आरा पहुंचेगी.
पुलिस को प्रोफेसर दंपत्ति का अभी तक मोबाइल हाथ नहीं लग सका है. सूत्रों की माने तो मोबाइल मिलने के बाद कई और राज खुलेंगे. हालांकि पुलिस मिले साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच कर रही है.
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