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चीन में शी जिनपिंग का तीसरी बार राष्ट्रपति बनना तय, केंद्रीय समिति से हटाए गए पीएम ली क्विंग

Updated at : 22 Oct 2022 6:15 PM (IST)
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चीन में शी जिनपिंग का तीसरी बार राष्ट्रपति बनना तय, केंद्रीय समिति से हटाए गए पीएम ली क्विंग

पर्यवेक्षकों ने कहा कि केंद्रीय समिति के लिए जिनपिंग के ‘निर्वाचन' से तय हो गया है कि वह महासचिव बनने की राह पर हैं. जिनपिंग को रिकॉर्ड तीसरा कार्यकाल मिलना तय है और संभव है कि वह जीवनपर्यंत सत्ता में रहें.

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बीजिंग : चीन में शी जिनपिंग का लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनना करीब-करीब तय दिखाई दे रहा है. शनिवार को उन्हें सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की शक्तिशाली केंद्रीय समिति का सदस्य ‘चुन’ लिया गया. वहीं, टॉप नेतृत्व में बड़े उलट-फेर करते हुए प्रधानमंत्री ली क्विंग सहित कई टॉप नेताओं के नाम इस समिति के सदस्यों की सूची से नदारद हैं. पांच साल में एक बार होने वाला सीपीसी का महासम्मेलन (कांग्रेस) केंद्रीय समिति के 205 नियमित और 171 वैकल्पिक सदस्यों के चुनाव के साथ शनिवार को समाप्त हो गया.

रविवार को स्थायी समिति के सदस्यों का होगा चुनाव

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग केंद्रीय समिति के सदस्य के तौर पर चुन लिये गए हैं. केंद्रीय समिति की बैठक रविवार को 25 सदस्यीय ‘पॉलिटिकल ब्यूरो’ का चुनाव करने के लिए होगी और वह (पॉलिटिकल ब्यूरो) देश पर शासन करने के लिए स्थायी समिति के सात या इससे अधिक सदस्यों का चुनाव करेगा. स्थायी समिति महासचिव का चुनाव करेगी, जो पार्टी और देश का नेतृत्व करेगा.

जीवनपर्यंत राष्ट्रपति बन रहेंगे जिनपिंग

पर्यवेक्षकों ने कहा कि केंद्रीय समिति के लिए जिनपिंग के ‘निर्वाचन’ से तय हो गया है कि वह महासचिव बनने की राह पर हैं. जिनपिंग को रिकॉर्ड तीसरा कार्यकाल मिलना तय है और संभव है कि वह जीवनपर्यंत सत्ता में रहें. इस बीच, उन्होंने अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए अपने कई सहयोगियों को केंद्रीय समिति में शामिल किया है. केंद्रीय समिति के सदस्यों की सूची में कई नेताओं के नाम गायब हैं, जिनमें प्रधानमंत्री ली क्विंग (67), नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष ली झांशु(72), चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष वांग यांग (67), पूर्व उप प्रधानमंत्री हान झेंग (67) शामिल हैं. ये सभी नेता निवर्तमान सात सदस्यीय स्थायी समिति के सदस्य थे, जिसके अध्यक्ष चिनफिंग हैं.

पीएम पद छोड़ेंगे उदारवादी नेता ली क्विंग

प्रधानमंत्री ली क्विंग और वांग यांग को चीन का उदारवादी नेता माना जाता है. पिछले 10 साल में चीन की अर्थव्यवस्था को चलाने में ली क्विंग ने अहम भूमिका निभाई है. ली क्विंग ने पहले ही वह प्रधानमंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं, जबकि पार्टी ने सेवानिवृत्ति की उम्र 68 साल निर्धारित की है. फिलहाल उनकी उम्र 67 साल है. अन्य बदलावों में विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी को केंद्रीय समिति का सदस्य बनाया गया है, जबकि पूर्व विदेश मंत्री यांग जियेची को बाहर कर दिया गया है. स्थायी समिति का रविवार को चुनाव होने के बाद चिनफिंग नयी टीम के अन्य सदस्यों के साथ मीडिया के सामने आएंगे. जिनपिंग इस साल सीपीसी प्रमुख और राष्ट्रपति के तौर पर अपना 10 साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं.

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माओत्से तुंग के बाद पहले नेता शी जिनपिंग को तीसरा कार्यकाल

पार्टी संस्थापक माओत्से तुंग के बाद वह पहले चीनी नेता होंगे, जो सत्ता में तीसरे कार्यकाल तक कायम रहेंगे. माओत्से तुंग ने करीब तीन दशक तक शासन किया था। पर्यवेक्षकों का कहना है कि नया कार्यकाल मिलने का अभिप्राय चिनफिंग का भी माओ की तरह जीवनपर्यंत सत्ता में बने रहना हो सकता है. महासम्मेलन (कांग्रेस) ने शनिवार को अपने समापन सत्र के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग को और अधिकार देने के लिए अपने संविधान में संशोधन सहित कई प्रस्तावों को पारित किया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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